Blogs about: Oct 2007

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ना मंदिरों में पायेगा ना मस्जिदों में पायेगा5 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: ना मंदिरों में पायेगा ना मस्जिदों में पायेगा ढ़ूंढ़ना है जो ख़ुदा तो ग़मज़दों में पायेगा जब उस ख़ुदा ने अर … more →

Tags: 2007 A Poetic Journey, मेरी गज़लें, में, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

तुमने मुड़कर भी नहीं देखा मुझे जाते जाते

Rohit Jain wrote 1 year ago: तुमने मुड़कर भी नहीं देखा मुझे जाते जाते एक तकल्लुफ़ ही सही जिसको निभाते जाते क्या ख़ता थी के टूट गये ह … more →

Tags: 2007 A Poetic Journey, मेरी गज़लें, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain, नहीं

यूँ इश्क़ का हमने दिया है इम्तिहां अक़्सर

Rohit Jain wrote 1 year ago: यूँ इश्क़ का हमने दिया है इम्तिहां अक़्सर मुँह में ज़ुबां होते हुए थे बेज़ुबां अक़्सर इश्क़ की तासीर ये सम … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, 2007, अक़्सर, इम्तिहां, इश्क़, कविता, का, गज़ल

नया हुनर पाने का वक़्त आया है

Rohit Jain wrote 1 year ago: नया हुनर पाने का वक़्त आया है उस को भुलाने का वक़्त आया है आओ बुझा दें पुरानी शम्मों को नई शम्में जलान … more →

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दिल लगा बहार में, हाथ में आई खिज़ां

Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल लगा बहार में, हाथ में आई खिज़ां इश्क़-ए-ख़ुदा की आस थी हो गया इश्क़-ए-बुतां इक वक़्त था के हर तरफ़ अपन … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, 2007, आई, कविता, खिज़ां, गज़ल, जैन, दिल

सच शय है वो जिसको कभी बोला नहीं जाता

Rohit Jain wrote 1 year ago: सच शय है वो जिसको कभी बोला नहीं जाता अपनी ही क़ब्र को कभी खोला नहीं जाता क्या रंग सियासत ने दिया है ज … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, 2007, कभी, कविता, गज़ल, जाता, जिसको, जैन

वो नहीं क़ातिल ये तो खंजर की ख़ता थी

Rohit Jain wrote 1 year ago: वो नहीं क़ातिल ये तो खंजर की ख़ता थी वो कहाँ बदले मेरी नज़र की ख़ता थी उस ही की दीवारें ज़रा मजबूत नहीं थ … more →

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घर हवाओं में बना टिकता है क्या

Rohit Jain wrote 1 year ago: घर हवाओं में बना टिकता है क्या जो मुसाफ़िर हो कहीं रुकता है क्या हमने तुमको साँस में शामिल किया साँस … more →

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बदले बदले

Rohit Jain wrote 1 year ago: जारी हैं क़त्ल अब भी बस सर हैं बदले बदले हैं आज भी वो क़ातिल खंजर हैं बदले बदले इल्ज़ाम हैं लगाते के हम … more →

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