काश कुछ ऐसा होता सोचती हूँ काश कुछ ऐसा होता सब कुछ जैसा मैं चाहूं , वैसा होता | जब मन में कोई ख्वाहिश पनपति पलक झपकने से पहले परिपूर्ण होती | फिर ना ही मुझे किसीसे करना पड़ता इज़हार और ना ही करना होत… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: काश कुछ ऐसा होता सोचती हूँ काश कुछ ऐसा होता सब कुछ जैसा मैं चाहूं , वैसा होता | जब मन में कोई ख्वाहि … more →
mehhekk wrote 1 year ago: दीदार खुश है मेरी बन्नो,आज मधुचंद्र की रात सज सवर कर बैठी है नही करती किसीसे बात कुछ भी कहो ,ग … more →