पसीने पसीने हुई जा रहे हो ये बोलो कहां से चले आ रहे हो हमें सब्र करने को कह तो रहे हो मगर देख लो ख़ुद ही घबरा रहे हो ये किसकी बुरी तुम को नज़र लग गई है बहारों के मौसम में मुर्झा रहे हो ये आईना है ये त… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: पसीने पसीने हुई जा रहे हो ये बोलो कहां से चले आ रहे हो हमें सब्र करने को कह तो रहे हो मगर देख लो ख़ु … more →