महान होने के लिए जितनी ज्यादा सीढ़ियाँ मैंने चढ़ीं उतनी ही ज्यादा क्रूरताएं मैंने कीं ज्ञानी होने के लिए जितनी ज्यादा पोथियां मैंने पढ़ीं उतनी ही ज्यादा मूर्खताएं मैंने कीं बहादुर होने के लिए जितनी ज्याद… more →
शैशवअफ़लातून wrote 1 year ago: महान होने के लिए जितनी ज्यादा सीढ़ियाँ मैंने चढ़ीं उतनी ही ज्यादा क्रूरताएं मैंने कीं ज्ञानी होने के ल … more →