फिर नज़र से पिला दीजिये, होश मेरे उड़ा दीजिये, छोडिये बर्ह्मी की रविश, अब जरा मुस्कुरा दीजिये, बात अफसाना बन जायेगी, इस कदर मत हवा दीजिये, आए खुलके मिलिये गले, सब तकलुफ हटा दीजिये, कब से मुश्ताके दीदार… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: फिर नज़र से पिला दीजिये, होश मेरे उड़ा दीजिये, छोडिये बर्ह्मी की रविश, अब जरा मुस्कुरा दीजिये, बात अफ … more →