इन फूलों की बारिश में भीग लेते है हम भी मोहोब्बत के इत्र की महक जरा बदन पर चढा लूँ अगले मौसम तक फिर ये ताजगी रहेगी मन में . ——————————… more →
mehekalishaminta wrote 1 month ago: Today when i was siting alone without my parent and friends, i misd my love the most. Wish that i co … more →
mehhekk wrote 3 months ago: इन फूलों की बारिश में भीग लेते है हम भी मोहोब्बत के इत्र की महक जरा बदन पर चढा लूँ अगले मौसम तक फिर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: फूलों से रंग और महकती मधु बूंदे हर सुबह नज़रों से बिन भूले पिये जा | फिर भंवरे के जैसी मीठी गुंजन कर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कनक सी रवि किरनो से पवन मखमली एहसास तले मनमोहक झरना निर्मल सा हरे पन्नो के बीच में दो कमल के फूल ख … more →