मेरी नयी वेब-दुनियामें आपका स्वागत है. घनश्याम ठक्कर… more →
कलापीकेतनkalapiketan wrote 5 days ago: मेरी नयी वेब-दुनियामें आपका स्वागत है. घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 3 weeks ago: वृक्षारोपण और फल-प्राप्ति (विचार विमर्श) घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 1 month ago: Have a Very Scary Halloween Oasis Thacker … more →
kalapiketan wrote 2 months ago: ओ राज रे (हीच – गरबा) संगीतः: घनश्याम ठक्कर गीतः लोकगीत और घनश्याम ठक्कर स्वरः ज … more →
kalapiketan wrote 2 months ago: पोरा पै दे तुं (छैला पिलादे तू) [रास] संगीतः घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 3 months ago: ढोल वागे से (ढोल बजने लगा) [डांडियारास] संगीतः: घनश्याम ठक्कर गरबा-रास … more →
kalapiketan wrote 3 months ago: नव-रात्रि : नव-रास घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 6 months ago: बागमें खिल गया बतख फोटोः घनश्याम ठक्कर … more →
विनय wrote 1 year ago: बा-क़ायदा हर्फ़ों में तेरी तस्वीर लिखी है जितनी भी सीखी है मोहब्बत’ तुमसे सीखी है तेरा नाम मेरी … more →
विनय wrote 1 year ago: हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों से अब बात नहीं बनती है तेरी यादों से बोल तुझे इक हर्फ़ में कैसे … more →
विनय wrote 1 year ago: ज़ोर से दिल धड़कता है (हाँ धड़कता है) तूफ़ान साँसों में चलता है (हाँ चलता है) आँखें ठहर जाती हैं तस्वी … more →
विनय wrote 1 year ago: तेरी तस्वीर से बातें करता रोज़ मैं पास मेरे जो तेरी कोई तस्वीर होती तुम्हें प्यार बेइंतिहाँ प्यार करत … more →
विनय wrote 1 year ago: न रखो वह तस्वीरें हरी जिनसे दिल दुखता हो कर दो वह ज़मीनें बंजर जिनमें घाव उगता हो क्यों सीने में साँस … more →