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जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे14 comments

विनय wrote 6 months ago: जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे यूँ इस ख़ला की यह गर्द तुझ तक पहुँचे की है इस दिल ने सदा तुझसे … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, धूप, आलम, इश्क़, दर्द, Love, मौसम, दिल, प्यार

Skiers saved from dangling gondolas after tower snaps2 comments

Praful wrote 6 months ago: A group of skiers had a fortunate escape Tuesday after they were rescued from a stricken gondola tha … more →

Tags: News, cabin, Canada, Canadian Mounted Police, canadian television, CNNRadio affiliate CKNW in Vancouver, CTV NEWS, Cynthia Jennings, Doug Forseth

न वह कभी आँखों से उतारा ही गया6 comments

विनय wrote 11 months ago: न वह कभी आँखों से उतारा ही गया और न कभी लबों से पिया ही गया वह इक दर्द का बवण्डर था शायद न जिसे कभी … more →

Tags: मेरा गीत, दूर, दर्द, Heart, क़रीब, light, eyes, दिल, रोशनी

बारहा पिरोये हैं कई ज़ख़्म

विनय wrote 11 months ago: बारहा पिरोये हैं कई ज़ख़्म साँस के एक ही धागे में टुकड़े-टुकड़े बिखरी हुई ज़िन्दगी बहुत नज़दीक़ लगी है त … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, साँस, Life, ज़ख़्म

यूँ तो दिल में इक ख़ला बसा रखी है

विनय wrote 11 months ago: यूँ तो दिल में इक ख़ला बसा रखी है हमने, लेकिन कभी-कभी सितारों के टुकड़े भी गुज़रते हैं इधर से मैंने उ … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, सितारे, Stars

क्यों बेशर्म क़तरा-क़तरा ज़हन नहीं ढलता3 comments

विनय wrote 1 year ago: क्यों? बेशर्म क़तरा-क़तरा ज़हन नहीं ढलता क्यों? मुझे बेक़रारियों से क़रार नहीं मिलता क्यों? ढल रहा हूँ दि … more →

Tags: मेरी नज़्म, ज़हन, इश्क़, Love, Mind, प्यार, कोशिश, मोहब्बत, क़रार

तुम न समझोगे2 comments

विनय wrote 1 year ago: बिन तुम्हारे मैं क्या हूँ तुम न समझोगे आप तन्हाई की सदा हूँ तुम न समझोगे तुम्हारे ग़मे-इश्क़ में जो च … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, ख़त, ग़म, चाँद, टुकड़ा, तन्हाई, दिल, निगाह

कुछ यूँ क़त्ल हुआ यह वक़्त

विनय wrote 1 year ago: कुछ यूँ क़त्ल हुआ यह वक़्त कि क़तराए-ख़ूँ तक न गिरा अबकि हारे तो टूट जाये ‘नज़र’ मेरे दिलसित … more →

Tags: रुबाइयाँ, वक़्त, इश्क़, Love, time, प्यार, नाम, मोहब्बत, क़तरा

तो अब दोस्त रह गये बस नाम के

विनय wrote 1 year ago: तो अब दोस्त रह गये बस नाम के हम अज़ीज़ है जब तक  हैं काम के मेरे माज़ी से चुरा ले जाता काश कोई सारे टुक … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, दोस्त, दर्द, Heart, Love, दिल, प्यार, नाम

शीशाए-अश्क आते रहे

विनय wrote 1 year ago: शीशाए-अश्क आते रहे क़तरा-क़तरा लहू रुलाते रहे हम दीवानों की ख़ैर भला कौन पूछे लोग आते-जाते रहे हम रखते … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, दर्द, Blame, Friendship, Pain, दीवाना, मीठी, बेवजह

क़तरा-क़तरा गलायेगा मेरे दिल को1 comment

विनय wrote 1 year ago: आज महसूस किया मैंने गर तुम्हें किसी और के साथ देखूँ तो मेरे दिल पे क्या गुज़रेगी कैसा महसूस करूँगा बा … more →

Tags: मेरी नज़्म, महसूस, इश्क़, दर्द, Love, डर, प्यार, मोहब्बत, Pain


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