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साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है
साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है मोहब्बत मुझे मसल रही है ख़्यालों की राह-राह जल र… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है मोहब्बत म … more »
तुम मेरे हो
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम मेरे हो, मेरे ही मेरे हो कितनी हों द … more »
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
यह बता मुझको! तुझको मुझसे क्या गिला
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: यह बता मुझको! तुझको मुझसे क्या गिला मु … more »
मेरी आँखों पर जो था
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरी आँखों पर जो था तेरी ख़ुशबू का आँच … more »
तुम न समझोगे
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: बिन तुम्हारे मैं क्या हूँ तुम न समझोगे … more »
कुछ यूँ क़त्ल हुआ यह वक़्त
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: कुछ यूँ क़त्ल हुआ यह वक़्त कि क़तराए-ख़ूँ … more »
वह शाम फिर आयी
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: वह शाम फिर आयी वह गुलाबी चाँद फिर आया व … more »
आँखों से सुना आँखों ने कहा
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: आँखों से सुना आँखों ने कहा आँखों ने सु … more »
मेरी मोहब्बत है तू कहाँ
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरी मोहब्बत, है तू कहाँ, तू कहाँ है जिस … more »
तो अब दोस्त रह गये बस नाम के
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: तो अब दोस्त रह गये बस नाम के हम अज़ीज़ है … more »
शीशाए-अश्क आते रहे
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: शीशाए-अश्क आते रहे क़तरा-क़तरा लहू रुलात … more »
दिल में फिर वही दर्द उठा है
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: दिल में फिर वही दर्द उठा है तेरा हिज्र … more »
क़तरा-क़तरा गलायेगा मेरे दिल को
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: आज महसूस किया मैंने गर तुम्हें किसी और … more »
