मेरा दर्द मेरा दु:ख मेरा अपना है बाक़ी सब झूठ है यह सच्चा सपना है कल तक लबों पर उसके लिए दुआ थी आज दुआ में थोड़ा कुछ हिस्सा अपना है मैं आज चली हूँ नयी मंज़िल की तरफ़ आज मेरी आँखों में एक नया सपना है बीते… more →
तख़लीक़-ए-नज़रSumit Vijayvargiya wrote 8 months ago: Its been almost a year since I visited Nariman Point last time. Its hard to believe that living in m … more →
विनय wrote 1 year ago: मेरा दर्द मेरा दु:ख मेरा अपना है बाक़ी सब झूठ है यह सच्चा सपना है कल तक लबों पर उसके लिए दुआ थी आज दु … more →