बुझती हुई लौ में रूकती हुई साँसों में आपके हर ग़मों के आहों में मैं नहीं मैं तो हु आपके हर अच्छे पलों का साथी नहीं में आपके ग़मों का साथी क्यूँ ? ये मैं भी न समझ पाया अब … more →
ɤȫʋʂɦɑɳ's ɯɛɓ-ɓɭӧģआदिन wrote 19 hours ago: A special world for you and me A special bond one cannot see It wraps us up in its cocoon And holds … more →
sj wrote 19 hours ago: जीवन की आपाधापी में कब वक़्त मिला कुछ देर कहीं पर बैठ कभी यह सोच सकूँ जो किया, कहा, माना उसमें क्या … more →
sj wrote 19 hours ago: अक्सर एक गन्ध मेरे पास से गुज़र जाती है, अक्सर एक नदी मेरे सामने भर जाती है, अक्सर एक नाव आकर तट से ट … more →
sj wrote 19 hours ago: सब कुछ कह लेने के बाद कुछ ऐसा है जो रह जाता है, तुम उसको मत वाणी देना । वह छाया है मेरे पावन विश्वास … more →
sj wrote 19 hours ago: पहली बार मैंने देखा भौंरे को कमल में बदलते हुए, फिर कमल को बदलते नीले जल में, फिर नीले जल को असंख्य … more →
sj wrote 19 hours ago: मेरा जूता जगह-जगह से फट गया है धरती चुभ रही है मैं रुक गया हूँ जूते से पूछता हूँ – ‘आगे … more →
अफ़लातून wrote 1 day ago: भोपाल गैस काण्ड के २५ वर्ष पूरे होने जा रहे हैं | दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी से जुड़े सवाल … more →
sj wrote 1 day ago: लहरों से डरकर नौका पर नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती नन्ही चींटी जब दाना लेकर चलती है, … more →
अफ़लातून wrote 1 day ago: टहनी पे किसी शजर* की तनहा बुलबुल था कोई उदास बैठा कहता था की रात सर पे आई उड़ने चुगने में दिन गुज़ार … more →
Maheep Saraf wrote 1 week ago: तेरे चेहरे पर ये गुस्सा ग़ज़ब हे, बहुत सताता हे याद तो इसकी भी आती हे, तेरे जाने के बाद — … more →
Nidhi KM wrote 1 week ago: एक कमरा सपनो भरा, फर्श मखमली, छत सितारों भरीं, दीवारें रंगों सजीं, खिड़कियाँ फूलों रंगीं, सपने कहीं … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: अब यह फिल्मों का ही प्रभाव कहा जा सकता है कि रास्ते पर गाड़ी चलाने वाले लड़के लड़कियां अपने आपको नायक न … more →
gulabkothari wrote 3 weeks ago: कि मां कहती है लडका अच्छा है मेरा मान करता है मित्रता चाहता है किंतु डरती हूं मैं आगे बढने से जानती … more →
आदिन wrote 3 weeks ago: Waqt Badal jata hai halat badal jate hai Ek mod par aakar jajbaat badal jaate hai Tum khoye ho ab ta … more →
आदिन wrote 3 weeks ago: Un k andaz-e karam un pe wo aana dil ka, haaye wo wqt, wo baten, wo zamana dil ka, na suna us ne taw … more →
Nidhi KM wrote 3 weeks ago: कदमों से कदमों को, मिलाने की बहुत कोशिश की, कभी मैं आगे बढ़ गयी, कभी तुम पीछे रह गये, बातों को बातों … more →
आदिन wrote 1 month ago: Ishq me marne walo ko duniya badnam karti hai Aadin khush hai mohabbat ko yaad to karti hai Ashiko k … more →
आदिन wrote 1 month ago: Kabhi Nadaan Karti Hai, Kabhi Heraan Karti Hai Boht Nuksan Karti Hai, Ye Ghar Weeran Karti Hai Jahan … more →
आदिन wrote 1 month ago: MAIKHANE ME SIRF EK HI BAAT CHAL RAHI HAI, WOH DEEVAANA ABHI TAK AAYA KYUN NAHIN, JO ROTA HAI TO AAN … more →