कल तुम गुजर रहे थे , या कोई ग़ज़ल गुनगुना रहा था …. कल आहट थी कोई पहचानी , या कोई दरवाजे पर आ आ के जा रा था …. कल चाँद था फलक पर , या तेरा चेहरा मुस्कुरा रहा था …. मैने बहुत रोका मगर… more →
लम्हें जिन्दगी केअफ़लातून wrote 4 days ago: भोपाल गैस काण्ड के २५ वर्ष पूरे होने जा रहे हैं | दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी से जुड़े सवाल … more →
voicelet wrote 4 days ago: ” वक़्त इक्कट्ठा हुआ ….. घडी घडी इत्मीनान से…. आज यादों में नहीं बीता… ना बी … more →
kketish wrote 2 weeks ago: कोई तो हो ऐसा जो सिर्फ मेरा हो, बातों में उनकी खुशबु हो, दिल में उनका बसेरा हो, चाहे तो चाहत मेरी, म … more →
kketish wrote 2 weeks ago: वो सारी बातें ख़्वाब हुई और ख़्वाब से फिर अज़ाब हुई, जब तुम को हवा के झोंके से पैगाम हमारा मिलता था, जब … more →
kketish wrote 2 weeks ago: जब कभी देखूं हाथ की हथेलियों को तो खाली ये नज़र आती है…. सुनी सुनी सी लकीरों पर….किस्मत स … more →
kketish wrote 2 weeks ago: जो रखते हैं औरों के लिए प्यार का जज्बा, वो लोग टूट कर बिखरा नहीं करते. ज़िन्दगी नाम है इस हसीं समंदर … more →
kketish wrote 1 month ago: कलम उठाऊ तो तुम्हारे लिए लिखूं, वरना कलम की ज़रूरत मुझे नहीं. लब हिलाऊ तो तुम्हें पुकारूँ, वरना लफ्जो … more →
kketish wrote 1 month ago: वो मुझको कभी भी भूल नहीं सकता, लाख चाहे फिर भी बिछड़ नहीं सकता. ¤*.¸¸.·´¨`”*”´¨`·.¸¸.*¤¤ … more →
kketish wrote 1 month ago: उस ने कहा मुझ से कितना प्यार है? मैंने कहा सितारों का कोई शुमार नहीं. उसने कहाँ कौन है ज़िन्दगी मैं … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 month ago: कल तुम गुजर रहे थे , या कोई ग़ज़ल गुनगुना रहा था …. कल आहट थी कोई पहचानी , या कोई दरवाजे पर आ … more →
theregoesathought wrote 1 month ago: We meet, you and me, Like parallel lines, Affectionate yet envious, Patient yet restless, We meet, y … more →