बुझती हुई लौ में रूकती हुई साँसों में आपके हर ग़मों के आहों में मैं नहीं मैं तो हु आपके हर अच्छे पलों का साथी नहीं में आपके ग़मों का साथी क्यूँ ? ये मैं भी न समझ पाया अब … more →
ɤȫʋʂɦɑɳ's ɯɛɓ-ɓɭӧģRoushan wrote 2 months ago: बुझती हुई लौ में रूकती हुई साँसों में आपके हर ग़मों के आहों में मैं नहीं मैं तो हु आप … more →
Roushan wrote 4 months ago: kitu:- ना वो आसमा, ना वो मोती, ना वो जुगनू है ए-रहगुज़र ये बस है मोहब्बत का असर , Roushan:- मोहब्बत … more →
Roushan wrote 4 months ago: kitu:- ना वो आसमा, ना वो मोती, ना वो जुगनू है ए-रहगुज़र ये बस है मोहब्बत का असर , Roushan:- मोहब्बत … more →
Roushan wrote 5 months ago: याद करने से आया कुछ याद मुझे , के कुछ रखना है याद मुझे और कुछ है जाना भूल , पर क्या … more →
Roushan wrote 5 months ago: याद करने से आया कुछ याद मुझे , के कुछ रखना है याद मुझे और कुछ है जाना भूल , पर क्या … more →
Roushan wrote 1 year ago: हमें तो है मोहबत आपसे हम ये कह न सके आपसे जब से टकराई है नज़रें आपसे हम भूल गए सब कुछ कभी हमें … more →
Roushan wrote 1 year ago: हमें तो है मोहबत आपसे हम ये कह न सके आपसे जब से टकराई है नज़रें आपसे हम भूल गए सब कुछ कभी हमें … more →
Roushan wrote 1 year ago: है आपसे हमारी एक छोटी से इल्तज़ा यूँही रहना आप साथ मेरे जब से मिला हूँ आपसे बस आप ही आप हो हरसू अब हक … more →
Roushan wrote 1 year ago: है आपसे हमारी एक छोटी से इल्तज़ा यूँही रहना आप साथ मेरे जब से मिला हूँ आपसे बस आप ही आप हो हरसू अब हक … more →
Roushan wrote 1 year ago: Feelings want 2 fly high but this world tie its wings … more →
Roushan wrote 1 year ago: Feelings want 2 fly high but this world tie its wings … more →