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Blogs about: Poetry

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जख्म दिल पर (गझल) - घनश्याम ठक्कर

kalapiketan wrote 5 days ago: जख्म दिल पर  (गझल)  घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: Oasis Thacker, घनश्याम ठक्कर, हिन्दी कविता, कविता, हिन्दी ब्लोग, हिन्दी नेट, Gazal, हिन्दी गझल, Ghanshyam Thakkar

राधाकी व्यथा (गीत) - घनश्याम ठक्कर

kalapiketan wrote 1 week ago: राधाकी व्यथा (गीत) घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: कविता, गीत, गीत -घनश्याम ठक्कर, गीत-काव्य, घनश्याम ठक्कर, साहित्य, हिंदी साहित्य, हिन्दी कविता, हिन्दी गीत

कोशिश – राहुल कात्यायन1 comment

Rahul Katyayan wrote 3 weeks ago: बरसों से बिना बात जिससे रूठा रहा, उस मुस्कराहट को खींच कर होठों पे लाने की ये कोशिश है सम्मान मैं इत … more →

Tags: Animation, Bollywood, India, Movies, rahulkatyayan, Story, Actor, कविता, शायरी

कोशिश – राहुल कात्यायन1 comment

Rahul Katyayan wrote 3 weeks ago: बरसों से बिना बात जिससे रूठा रहा, उस मुस्कराहट को खींच कर होठों पे लाने की ये कोशिश है सम्मान मैं इत … more →

Tags: Animation, Bollywood, India, Movies, rahulkatyayan, Story, Actor, कविता, शायरी

बीमार तेरे नामके! (गीत) - घनश्याम ठक्कर 2 comments

kalapiketan wrote 3 weeks ago: बीमार तेरे नामके! (गीत) घन-’श्याम’ ठक्कर … more →

Tags: Oasis Thacker, घनश्याम ठक्कर, हिन्दी कविता, कविता, हिन्दी ब्लोग, हिन्दी नेट, गीत, गीत-काव्य, हिन्दी गीत

चल तू अकेला - रवींद्रनाथ टैगोर (हिन्दी भाषांतर : घनश्याम ठक्कर) 2 comments

kalapiketan wrote 1 month ago: हमारी प्राथमिक शालामें कई अभिप्रेरक कविताएं पढनेकी/गानेकी परंपरा थी. आयु के उस सूर्योदय कालमें कुछ ऐ … more →

Tags: कविता, गीत, गीत-काव्य, घनश्याम ठक्कर, रवींद्रनाथ टैगोर, साहित्य, हिंदी साहित्य, हिन्दी कविता, हिन्दी गीत

Diwali (Festival of Lights) – Oasis Thacker

kalapiketan wrote 1 month ago: Music Deepavali – Festival of Lights  Oasis Thacker … more →

Tags: कविता, गरबा, गीत, गीत -घनश्याम ठक्कर, गीत-काव्य, घनश्याम ठक्कर, डांडियारास, रास, साहित्य

प्रीत निमंत्रण ..!

MUKUL wrote 1 month ago: प्रिया,सहज ही तुमने क्योंकर भेजा मुझ तक प्रीत निमंत्रण ..! ********************* मैं विरही हूँ तुम प … more →

Tags: Love

दीपावलीके त्योहारोंकी शुभकामनाएं - घनश्याम ठक्कर

kalapiketan wrote 1 month ago: शहनाई (सिंथेसाइझर) वादन   संगीतकार और वादकः घनश्याम ठक्कर Happy Diwali Music Composer & Performe … more →

Tags: कविता, गझल, गझल - घनश्याम ठक्कर, गरबा, गीत, गीत -घनश्याम ठक्कर, गीत-काव्य, घनश्याम ठक्कर, डांडियारास

घूमता है (गझल) - घनश्याम ठक्कर

kalapiketan wrote 1 month ago:   घूमता है (गझल) घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: गझल, गझल - घनश्याम ठक्कर, घनश्याम ठक्कर, साहित्य, हिंदी साहित्य, हिन्दी कविता, हिन्दी गझल, हिन्दी नेट, हिन्दी ब्लोग

फिर से है जेहन में एक सवाल ....2 comments

Roushan wrote 1 month ago: बुझती  हुई  लौ  में रूकती  हुई  साँसों  में आपके  हर  ग़मों  के आहों  में  मैं  नहीं मैं  तो  हु  आप … more →

Tags: Devil, Friends, insaan, insaaniyat, dharm, jaati, bacche, hum , kon, Poems, roshan, roushan, roushank, something special in this

ओ राज रे (हीच - गरबा) - संगीतः: घनश्याम ठक्कर

kalapiketan wrote 1 month ago:   ओ राज रे (हीच – गरबा)   संगीतः: घनश्याम ठक्कर गीतः लोकगीत और घनश्याम ठक्कर           स्वरः ज … more →

Tags: कविता, गरबा, गीत, गीत -घनश्याम ठक्कर, गीत-काव्य, घनश्याम ठक्कर, डांडियारास, फोटोः, रास

पोरा पै दे तुं (छैला पिलादे तू) [रास] :: संगीतः घनश्याम ठक्कर

kalapiketan wrote 1 month ago: पोरा पै दे तुं (छैला पिलादे तू) [रास] संगीतः घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: कविता, गरबा, गीत, गीत -घनश्याम ठक्कर, गीत-काव्य, घनश्याम ठक्कर, डांडियारास, फोटोः, रास

ढोल वागे से (ढोल बजने लगा) [डांडियारास] - संगीतः: घनश्याम ठक्कर

kalapiketan wrote 2 months ago: ढोल वागे से (ढोल बजने लगा) [डांडियारास]  संगीतः: घनश्याम ठक्कर   गरबा-रास … more →

Tags: कविता, गरबा, गीत, गीत-काव्य, घनश्याम ठक्कर, डांडियारास, फोटोः, रास, संगीत़़

नव-रात्रि : नव-रास :: घनश्याम ठक्कर

kalapiketan wrote 2 months ago: नव-रात्रि : नव-रास घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: Oasis Thacker, घनश्याम ठक्कर, Music, संगीत़़, कविता, हिन्दी ब्लोग, हिन्दी नेट, गीत, गीत-काव्य

नवरात्री और डांडियारास - घनश्याम ठक्कर

kalapiketan wrote 2 months ago: नवरात्री और डांडियारास घनश्याम ठक्कर   … more →

Tags: Oasis Thacker, घनश्याम ठक्कर, Music, संगीत़़, हिन्दी कविता, कविता, हिन्दी ब्लोग, हिन्दी नेट, गीत

वादों के पुष्प

simplysunidhi wrote 2 months ago: बिखेरता रहा वादों के पुष्प वो मैं आँचल यकीन का बिछाये उन्हें समेटती रही…. अपने स्पर्श की नमी से वो उ … more →

हाट - The Sunday Market8 comments

Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष wrote 2 months ago: सुबह से ले के शाम तक, जूतों से ले के गेहूं- दाल तक, सब खरीदते-बेचते हैं ठाठ में भीड़ भरी इतवार की हाट … more →

Tags: कविता, Hindi Poetry, Kavita, हाट, हिन्दी कविता, Indian Market, Village Market Of India

ज़िन्दगी पर दो5 comments

Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष wrote 2 months ago: ——पहली—— (जोगिन्दर साहब, आप से आज हुई बातों से प्रेरित । आपके आगरे के घर की … more →

Tags: कविता, Hindi Poetry, Kavita, ज़िन्दगी


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