फूलों से रंग और महकती मधु बूंदे हर सुबह नज़रों से बिन भूले पिये जा | फिर भंवरे के जैसी मीठी गुंजन करते जीवन बगिया में मद मस्त जिये जा | कुदरत की सुनहरी धूप और गरमाहट हमेशा ,हर कदम पे महसूस किये जा | … more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: फूलों से रंग और महकती मधु बूंदे हर सुबह नज़रों से बिन भूले पिये जा | फिर भंवरे के जैसी मीठी गुंजन कर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाइकू- प्रकृति 1.बहती हवाए लहराते हरेभरे खेत … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अगर एक अखबार की खबर पर यकीन करें तो आगे चलकर प्रकृति को निहारने के लिए भी पैसे देने पड़ेंगे. … more →