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Blogs about: Prayers

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श्वेत मखमली चादर मे...1 comment

Nidhi KM wrote 20 hours ago: फैली-पसरी, श्वेत मखमली चादर मे, एक ही रंग दिखता है, श्वेत-श्याम एक-दूजे संग, देखो कितना जचता है … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., गुलाबी ठंड, चादर, ठंड, तुम्हारे, प्यार, मखमली, रंग

नवयुवती 4 comments

Nidhi KM wrote 1 week ago: सड़क के गढ्ढों मे, डोलता हुआ, आटो चला जा रहा था, एक स्टॉप मे, नवयुवती के चढ़ते ही, सारी नज़रे उस पर … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, nidhi, Social, अपमान, जवान, नज़र, नवयुवती

-एक दिए की रौशनी तले- (दीपावली त्यौहार)5 comments

Nidhi KM wrote 1 month ago: दीपावली की रात… एक घर मे… छोटी-छोटी बेटियाँ, माँ का हाथ बटा रही है, घर मे रंग-रोगन कर, प … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, अंधेरा, अमीर, उपहार, कपड़े, कर्तव्य, घर

अब1 comment

Nidhi KM wrote 3 months ago: 1) पहले :- बिन दस्तक, बिन आहट के, तुम मेरे दिल तक आए, कुछ यूँ समाए की, दूजी, सारी दस्तकें, सारी आहटे … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., आवाज़, आहत, तुम, तुम्हारी, दरवाज़े, दस्तक, दिल

तेरे इंतज़ार मे...2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: हम तेरे इंतज़ार के आदि है, ये जानकार तुम, ना जाने कब तक इंतज़ार कारवाओगे? इस इंतज़ार मे ही जीना है, … more →

Tags: कविताएँ, छनिकाएँ, दिल से दिल की बात..., आदि, इंतज़ार, तेरे, हम, हिंदी कविता, Blessings

तुम मेरी ज़िंदगी मे3 comments

Nidhi KM wrote 2 weeks ago: मुझे नही पता, कब-कैसे तुम, मेरी ज़िंदगी मे आए, पता है तो, बस इतना, तुम्हारे आने से, हर मौसम को जिया … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, दिल से दिल की बात..., गर्मी, ज़िंदगी, ठंडक, तन-मन, तपन, तुम

एक बचपन उसने जिया (बाल दिवस विशेष)2 comments

Nidhi KM wrote 4 weeks ago: एक कमरा सपनो  भरा, फर्श मखमली, छत सितारों भरीं, दीवारें रंगों सजीं, खिड़कियाँ फूलों रंगीं, सपने कहीं … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, 14 November, आकाश, एक, खिड़कि, छत, छाँव

बहुत कोशिश की5 comments

Nidhi KM wrote 1 month ago: कदमों से कदमों को, मिलाने की बहुत कोशिश की, कभी मैं आगे बढ़ गयी, कभी तुम पीछे रह गये, बातों को बातों … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., कदम, कभी, कोशिश, तुम, निधि, मन, मैं

तुम 7 comments

Nidhi KM wrote 2 months ago: तुम बहुत मीठा बोलते हो, हर शब्द को, चाशनी मे घोलते हो, मिशरी की तरह, रस घोलते हो, न कड़वा बोलते हो, … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, दिल से दिल की बात..., कड़वा, तीर, तुम, मीठा, शब्द, सच

अवचेतन मन क्या है एवं इसका उपयोग कैसे करे ?3 comments

jayantijain wrote 2 months ago: मनोवैज्ञानिकों ने मन को दो बड़े  भागों में विभक्त किया है। 1.    चेतन मन  – मस्तिष्क का वह भाग, … more →

Tags: Life Management, spirituality, Stress Management, ऊर्जा, Motivation, Beliefs, सफलता, अवचेतन मन, अवचेतन मस्तिष्क

मैं अपने मन की राह चुनूंगीं3 comments

Nidhi KM wrote 3 months ago: मैने कयी बार, कभी अपनों के, कभी तुम्हारे कहने पर, नयी सुबह का इंतज़ार किया, नयी माला मे फूल गुथे, नय … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, इंतज़ार, कभी, काली रात, खुशबू, घर, जीवन, तुम्हारे

कुछ पंक्तियाँ

Nidhi KM wrote 4 months ago: चलते थे जिस ज़मीं पर, संभल संभल कर हम, सरकी वही ज़मी  नये कदम उठाने के पहले, आसमान से तो पानी बरसता … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, Social, आग, आसमान, कदम, ग्रहण, ज़मीं

चाहे जले हमारा जहाँ 2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: चाहे जले हमारा जहाँ, रौशन रहे उनका जहाँ, जहाँ रहे चाहत हमारी… न आए उन पर, कोई भी आँच, जहां की … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, दिल से दिल की बात..., किस्मत, खुशि, तुम्हे, दुआ, रौशन

तुम कोई नाम न देना3 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: जिसको जो कहना हो, उसको वो कहने देना, मेरी प्रीत को, प्रीत “निधि” की रहने देना, तुम कोई न … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, दिल से दिल की बात..., Social, तुम, नाम, निधि, प्रीत, हिंदी कविता

ऊर्जावान बनाती है प्रार्थना5 comments

jayantijain wrote 5 months ago: हमारा सबसे बड़ा सहायक कौन है? अस्तित्व कहो या परमात्मा  से बढ़कर हमारा कोई सहायक धरती पर नहीं है। इस ई … more →

Tags: spirituality, ऊर्जा, जीवन प्रबन्धन, प्रार्थना, Motivation, Self-management

~ मैं नदी थी ~3 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: मैं नदी थी प्यासी सी तुम सागर से मिलने चली थी मिलकर सागर मे ये जाना मैं ही अकेली, प्यासी नही थी सागर … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., nidhi, nablopomo09, मैं, तुम, प्यासे, सागर, नदी

वो मेरा दिल नही होगा2 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: बारीशों मे भीगे जो, बादल से बरसे जो, कारण से धड़के जो, यादों मे रोए जो, वो मेरा दिल नही होगा… … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., Social, nidhi, nablopomo09, दिल, बारिश, याद, बादल

सुख मे ना सही , दुख मे मुझे हमेशा अपने पास पाओगे... 2 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: तपती धूप मे , दुख के तूफ़ानों मे ग़म की परछाईयों मे , अंधेरी रातों मे भटकी हुई राहों मे , अनजानी मन् … more →

Tags: कविताएँ, छनिकाएँ, अकेले, तुम, तुम्हारे पास, दुखि !, मैं, हिंदी कविता, Blessings

तेरी ज़िंदगीं में कभी1 comment

Nidhi KM wrote 5 months ago: तेरी ज़िंदगीं में कभी, धूप की तपन  न हो, हो ज़रा भी आशंका, मेरा आंचल, तेरे सर पर हो, तेरी राहों मे क … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., आशीर्वदों का, कामना, कारवाँ तेरे संग चलते, खुशि, दुआ, हिंदी कविता, Blessings


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