न किसी में वो रंग न किसी में वो बात जो तुम में है… मैं इस दिल को खींचता रहा और दिल मुझको खींच ले गया तेरी ओर… मोहब्बत भी खू़बसूरत है यह मोहब्बत करके जाना मोहब्बत से… तुमको मैं अपना ब… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: न किसी में वो रंग न किसी में वो बात जो तुम में है… मैं इस दिल को खींचता रहा और दिल मुझको खींच … more →