मंदिर होये मूरत,हृदय बसे भगवन ये छोटिसी कहानी हमारी मा काफ़ी बार हम सारे भाई बहनो को दोहराती रहती है| एक कस्बे में सुखी नामक बहू,अपने पति और साँस के संग रहा करती थी | उनकी ईश्वर पर अटल श्रद्धा थी | ले… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: मंदिर होये मूरत,हृदय बसे भगवन ये छोटिसी कहानी हमारी मा काफ़ी बार हम सारे भाई बहनो को दोहराती रहती है … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मुक्ति 1. भोर की लालिमा मन में असीम भक्ति हाथों में पूजा थाल तुलसी की परिक्रमा मंत्रो … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तहु बाँसुरिया बजाओ कन्हाई राधा रानी छेड़त साज़ भगवन महू तोरी प्रीत अपनाई संसार की मोहे कौनू चिंता ना … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाइकू – सवेरा 1. पंछीयो की किलबिल सूरज निकलते ही घरौंदा छोड़े 2. चाँद छुप गया चँदन … more →
mehhekk wrote 1 year ago: उठो उठो गोपाला पूरब में अरुण रथ आया ,लेकर किरनो का उजाला भोर हुई अब , उठो उठो गोपाला, मेरे नंदलला | … more →