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Blogs about: Pure

निख्खा शक्कर है उससे मरासिम में

विनय wrote 1 year ago: निख्खा शक्कर है उससे मरासिम में ज़्यादा को इक रोज़ ज़हर होना था अब तू ही बता, मैं तुझसे जुदा किधर जाऊँ … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, Love, जुदा, प्यार, मोहब्बत, मरासिम, ज़हर, Poison

आज हो या कल हो

विनय wrote 1 year ago: आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे कहता है जो कुछ मन उसको ही मानेंगे आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंग … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Love, क़रीब, दिल, प्यार, चेहरा

इस पल से उस पल तक

विनय wrote 1 year ago: इस पल से उस पल तक तुमको ही चाहेंगे कहता है जो कुछ दिल उसको ही मानेंगे इस पल से उस पल तक तुमको ही चाह … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Love, क़रीब, दिल, प्यार, चेहरा

मगर बीते हुए दिन मुझे आज भी ढ़ूँढते हैं...

विनय wrote 2 years ago: नामालूम वह दिन मैंने जन्नत में गुज़ारे या जहन्नुम में मगर बीते हुए दिन मुझे आज भी ढ़ूँढते हैं वह ताने … more →

Tags: मेरी नज़्म, Heart, Mind, दिल, इंतज़ार, Heaven, Attraction, hell, कशिश


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