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Blogs about: Pyar

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कबीर वाणी-प्यार को सही ढंग से कोई नहीं समझता(kabir vani-pyar ka gyan)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: प्रेम-प्रेम सब कोइ कहैं, प्रेम न चीन्है कोय जा मारग साहिब मिलै, प्रेम कहावै सोय संत शिरोमणि कबीरदास … more →

Tags: Anubhuti, arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, दोहे, धर्म, सन्देश

बाजार में सजा स्वयंवर-हास्य व्यंग्य (bazar men swyanbar-hindi hasya vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: वैसे तो भारतीय संस्कृति और संस्कारों में लोगों को ढेर सारे दोष दिखाई देते हैं पर फिर भी वह उसमें तमा … more →

Tags: हिन्दी, अभिव्यक्ति, व्यंग्य, Internet, Bloging, Urdu, Blogging, bharat, web duniya

संत कबीर क दोहे-विषधर बहुत हैं, मणिधारी कम (sant kabir ke dohe)

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: प्रीति कर सुख लेने को सुख गया हिराय जैसे पाइ छछुंदरी, पकडि सींप पछिताय संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते ह … more →

Tags: Hindi knowledge, Hindi writing, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindu culture, hindu dharm, web duniya, hindi shabd, hindi sanskar

Hindi Love SMS - Mera Pehla Pyaar1 comment

alishaminta wrote 5 months ago: Door hai apse to kuch gam nahi, Door rehke bhulne wale hum nahi, Roz mulaqat na ho to kya hua, apki … more →

Tags: SMS, Mohabbat, ishq, bhulane, Roz, yaad, hai, dua paya, maksad

इन फूलों की बारिश में22 comments

mehhekk wrote 7 months ago: इन फूलों की बारिश में भीग लेते है हम भी मोहोब्बत के इत्र की महक जरा बदन पर चढा लूँ अगले मौसम तक फिर … more →

Tags: Kavita, phool, titli, ishq, mohobbat, Baarish

माचिस की वो तीली 28 comments

mehhekk wrote 7 months ago: बहुत कुछ कहना चाहता है दिल ..ये अचानक चलते चलते सफ़र में …हम दोनों में दूरियाँ कहा से आ गयी .. … more →

Tags: saathi re, ishq

ये इश्क भी क्या क्या खता करवाता है28 comments

mehhekk wrote 8 months ago: ये इश्क भी क्या क्या खता करवाता है महबूब -ओ-दिल पे शक की सुइयां दिखाए माना उनसा इमानदार न कोई कायनात … more →

Tags: Shayari, ishq, Kavita, mehboob, Poem

कोई प्यार की भाषा नहीं समझता-हास्य व्यंग्य कविता2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अपने साथ भतीजे को भी फंदेबाज घर लाया और बोला ‘दीपक बापू, इसकी सगाई हुई है मंगेतर से रोज होती मोबाइल … more →

Tags: hasya -vyangya, hasya vyang, vyangya, writer, aritile in hindi, हिंदी आलेख, हिंदी, hindi article, समाज

शाम सुहानी सी 13 comments

mehhekk wrote 1 year ago: शाम सुहानी सी धूप की चादर को हटाकर बिखर गये नीले स्याह से बादल गरजत बरसात बूँदों का आना ,गालों पर सर … more →

Tags: शाम सुहानी सी, Andhi, Baarish, BAAT, Blogroll, boonde, Dil, Hindi Poem, ishq

बूँद में छीपा अस्तित्व 19 comments

mehhekk wrote 1 year ago: बूँद में छिपा अस्तित्व ढुंढ़ो तो मिल जाए बूँद से मिलती आशा  सब की प्रेरणा बन पाए | बूँद विश्वास की ग … more →

Tags: बूँद में छीपा, Shayari, Kavita, Hindi Poem, Sher, Mehek, mehhekk, Blogroll, rishtey

मोहोब्बतें10 comments

mehhekk wrote 1 year ago: मोहोब्बतें आँखों से आँखों का फलसफा कहती खामोशियों में भी मदहोश सी बहती मोहोब्बतें बन अफ़साना हमारे द … more →

Tags: Shayari, Kavita, Hindi Poem, Sher, Mehek, mehhekk, ishq, Rabba, mohobbat

तेरे होने का एहसास 8 comments

mehhekk wrote 1 year ago: नींद की लहरों में ख्वाबों के समंदर से उठ कर रौशनी की चाह जगाता हुआ चमचमाती चाँदनी शुभ्रा सा घुलता है … more →

Tags: तेरे होने का एहसास, Shayari, Kavita, Hindi Poem, Sher, Mehek, mehhekk, ishq, ehsaas

सितारे हज़ारों नक़ाब बदलते है16 comments

mehhekk wrote 1 year ago: तुम्हे देख ए हमनशी कदम खुद ब खुद चलते है बड़ी मुश्किल से जज़्बा-ओ-दिल हमसे संभलते है | मिलने तुझ से  … more →

Tags: नक़ाब बदलते है, aaftaab, Blogroll, Chiraag, Dil, geet, gulshan, hamnashi, Hindi Poem

न जाने क्यों17 comments

mehhekk wrote 1 year ago: न जाने क्यों वो ये कैसे सोच लेता है के उसके हर जज़्बात हमारा दिल समझता है साथ होकर भी तरन्नुम-ए-खामो … more →

Tags: Shayari, Kavita, Hindi Poem, nazar, Love, Sher, Mehek, mehhekk, ishq

बादल मितवा4 comments

mehhekk wrote 1 year ago: राह देखे मन प्रतिपल हर क्षण ढूँढे तुझे मेरा बिखरा कन कन नही सुने जाते जमाने के ताने उस पर न आने के त … more →

Tags: बादल मितवा, Shayari, Kavita, Hindi Poem, Love, Sher, Mehek, mehhekk, geet

कायनात झुक जाएगी 15 comments

mehhekk wrote 1 year ago: कायनात झुक जाएगी हबीब-ए-सुलताना तेरा अक्स देखा था पानी में ऐसा हुस्न-ए-माहताब पहेले न देखा ज़िंदगानी … more →

Tags: कायनात झुक जाएगी, Shayari, Kavita, Sher, Mehek, mehhekk, ishq, Blogroll, Jannat

ऐसी हर सहर कीजिए 14 comments

mehhekk wrote 1 year ago: ऐसी हर सहर कीजिए  नींद खुले देखूं तुम्हे ऐसी हर सहर कीजिए  दिल में छुपाए कुछ राज़ हमे खबर कीजिए |  प … more →

Tags: ऐसी हर सहर जिए, Shayari, Kavita, Hindi Poem, nazar, Sher, Mehek, mehhekk, geet

लफ़्ज़ों का सज़ा कर नगमा 7 comments

mehhekk wrote 1 year ago: त्रिवेणी 1.लफ़्ज़ों का सज़ा कर नगमा हाल-ए-दिल सुनाया उनके लबों की मुस्कान देख समझे हमने उन्हे मनाया … more →

Tags: त्रिवेणी, Blogroll, chand, Hindi Poem, Kavita, lafz, Mehek, mehhekk, mohobbat

कौन हो नूरे-जिगर 15 comments

mehhekk wrote 1 year ago: कौन हो नूरे-जिगर कोई मोह्पाश हो दहकते दिल में खिला प्यार पलाश हो | खीची चली आती हूँ उसी मकाम पर मुश् … more →

Tags: कौन हो नूरे-जिगर, Shayari, Kavita, Hindi Poem, Sher, Mehek, mehhekk, geet, Blogroll


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