mehhekk wrote 1 year ago: कभी ख़त्म ना होनेवाला रेगिस्तान हो जैसे अक्सर हमे जीवन के पल प्रतीत होते है ऐसे उँचे तूफ़ानो के बवंड … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कौन हो नूरे-जिगर कोई मोह्पाश हो दहकते दिल में खिला प्यार पलाश हो | खीची चली आती हूँ उसी मकाम पर म … more →