Thanks Rajeev for the poem I love so much… सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी दूर फिरंगी को करने की सबने मन मे… more →
India My Country?? No way, its our IndiaKrishna Kumar Mishra wrote 1 week ago: कही ककरहा ताल सरोवर निर्माण की अदभुत परंपरा तो नही ! कल रात में खीरी के एक गांव छाऊछ जो शहर से जुड़ा … more →
madsadman wrote 8 months ago: Thanks Rajeev for the poem I love so much… सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी बूढ़े भा … more →