रात आँखों में कटी पलकों पे जूगनू आये , हम हवाओ की तरह जा के उसे छू आये । बस गई हैं मेरे एहसास में ये कैसी महक , कोई खूशबू मैं लगाऊ तेरी खूशबू आये । उसने छू कर मुझे पत्थर से फिर इन्सान किया , मुद्दतों … more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: रात आँखों में कटी पलकों पे जूगनू आये , हम हवाओ की तरह जा के उसे छू आये । बस गई हैं मेरे एहसास में ये … more →