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Blogs about: Rahim

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रहीम क दोहे- दिल लगाकर कम करें कामयाबी तय करें (rahim ke dohe)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: रहिमन मनहि लगाईं कै, देखि लेहू किन कोय नर को बस करिबो कहा, नारायन बस होय कविवर रहीम के मतानुसार मन ल … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दोहे, धर्म, मस्त राम, सन्देश, साहित्य, हिन्दी

रहीम दास के दोहे: पशु अपना हित करने वाला गुड़ कभी नहीं खाते

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: कविवर रहीम कहते हैं रहिमन आलस भजन में, विषय सुखहिं लपटाय घास चरै पसु स्वाद तै, गुरु गुलिलाएं खाय मनु … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, दोहे, मस्त राम, सन्देश, साहित्य, हिन्दी, bharat

रहीम संदेश: जिंदगी में समय का बहुत महत्व है 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: समय लाभ सम लाभ नहिं, समय चूक सम चूक चतुरन चित रहिमन लगी, समय चूक की हूक कविवर रहीम कहते हैं कि समय ह … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आध्यात्म, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi abhivyakti, hindi adhyatm, hindi bhasha, hindi chating

रहीम के दोहे: जहाँ सुई काम आती है वहाँ तलवार के उपयोग की बात सोचना बेकार

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: रहिमन धोखे भाव से, मुख से निकले राम पावत पूरन परम गति, कामादिक कौ धाम कविवर रहीम कहते हैं कि अगर धोख … more →

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रहीम सन्देश: प्रेम और सम्मान में धीरे धीरे होती है बढोतरी

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: रहिमन अति न कीजिए, गहि रहिए निज कानि सैंजन अति फूलै तऊ, डार पात की हानि कविवर रहीम कहते हैं कि कभी भ … more →

Tags: Blogroll, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindu culture, India, bharat, hindu dharm, hindi duniya, web duniya

रहीम संदेशः अच्छी नीयत से काम करें तो मनुष्य क्या परमात्मा मिल जाते हैं1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: <strong>रहिमन मनहि लगाईं कै, देखि लेहू किन कोय नर को बस करिबो कहा, नारायन बस होय</strong … more →

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रहीम संदेशःहंस के समान मानसिक रूप से दृढ़ होना चाहिए

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सरवर के खग एक से, बाढ़त प्रीति न धीम पै मराल को मानसर, एकै ठौर रहीम अधिकतर पक्षी एक समान होते हैं। उ … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, दृष्टिकोण, प्रचार, रहीम, हिंदी, Dashboard, Deepak bharatdeep

रहीम संदेशः समय के अनुसार फल मिलता है और झड़ जाता है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: समय पाय फल होत है, समय पाय झरि जात सदा रहै नहीं एक सौ, का रहीम पछितात? कविवर रहीम कहते हैं कि समय चक … more →

Tags: Hindi writing, web duniya, hindi megzine, web dunia, web bhasakar, web nai duniya, Deepak bharatdeep, हिंदी पत्रिका, समाज

रघुकुल रीति सदा चली आई2 comments

mehhekk wrote 1 year ago: बचपन के वो दिन थे कितने सुहाने कुछ भी कीमत दूं वापस कभी ना आने कितनी अजब गजब थी वो छोटी सी दुनिया हक … more →

Tags: Kavita, Hindi Poem, RAM, Nanak

रहीम के दोहेःसेवक खरीदा तो समझो मालिक खरीद लिया

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मन से कहां रहीम प्रभु, दृग सों कहां दीवान देखि दृगन जो आदरै, मन तोहि हाथ बिकान कविवर रहीम कहते हैं क … more →

Tags: Hindi writing, web duniya, hindi megzine, web dunia, web jagaran, web bhasakar, web nai duniya, Deepak bharatdeep, हिंदी पत्रिका

रहीम के दोहेःसहृदय लोगों को बुरी संगति नहीं फलती

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन उजली प्रकृति को, नहीं नीच को संग करिया वासन कर गहे, कालिख लागत अंग कविवर रहीम कहते हैं कि जिनक … more →

Tags: abhivyakti, editoriyal, Internet, Friends, साहित्य, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप, web dunia, web bhaskar

चाणक्य नीतिः कौन ऐसा व्यक्ति है जिसके कुल में दोष नहीं है1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.आज के युग में अर्थ की प्रधानता है और धन संचय प्रमुख आधार है। धन संचय हर मनुष्य के लिये आवश्यक है क … more →

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रहीम के दोहेःलोगों के दिल को ठंडक देने वाला राजकाज प्रशंसनीय1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन राज सराहिए ससिसम सुखद जो होय कहा वापुरी भानु है, तपैं तरैवन खोय कविवर रहीम कहते है की उसी राज् … more →

Tags: आलेख, कला, समाज, हिंदी पत्रिका, bharat, Deepak bharatdeep, deshbord, Famiy, hindi abhivyakti

रहीम के दोहःगुरु से शिक्षा लेकर अपनी राह चलें

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कहते को कहिं जान दे, गुरू की सीख तू लेय साकट जन और स्वान को, फेरि जवाब न देय कविवर रहीम कहते है कि क … more →

Tags: आलेख, चिंतन, अध्यात्म, अभिव्यक्ति, manu smruti, hindu, dharm, Adhyaatm, bharat

रहीम के दोहे-प्रेम मे टेढ़ी चाल न चलें

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: फरजी सह न ह्म सकै गति टेढ़ी तासीर रहिमन सीधे चालसौं, प्यादा होत वजीर कविवर रहीम कहते हैं कि प्रेम मे … more →

Tags: Blogroll, hindi Personal, Hindi Education, Hindi online journalism, Hindi knowledge, Hindi writing, Hindu darshan, India, hindi bharat

रहीम के दोहे-दीनता के भाव बिना भक्ति का आनंद नहीं मिलता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दादुर, मोर, किसान मन, लग्यो रहैं धन माहिं रहिमन चातक रटनि हूँ, सर्वर को कोऊ नाहिं कविवर रहीम कहते है … more →

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रहीम के दोहेःपशुओं की टांग खाने पर दवा भी लेनी पड़ती है2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन राम न उर धरै, रहत विषय लपटाय पसु खर खात सवाद सों, गुर बुलियाए खाय कविवर रहीम कहते है कि लोग तो … more →

Tags: Blogroll, Hindi friends, Hindi writing, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindu culture, hindi bharat, hindu dharm, hindi duniya

रहीम के दोहे:देता तो परमात्मा है किसी अन्य का भ्रम मत पालो1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: देनदार कोउ और है, भेजत सा दिन रैन लोग भरम पै धरे, वाते नीचे नैन कविवर रहीम कहते हैं कि इस जीवन में क … more →

Tags: अध्यात्म, आलेख, दीपक भारतदीप, दोहे, धर्म, मस्तराम, हिन्दू, bharat, dharm

रहीम के दोहे:मेंढक आवाज देते हों तो कोयल हो जाती है खामोश

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पावस देखि रहीम मन, कोइन साधे मौन अब दादुर वक्ता भए, हमको पूछत कोय कविवर रहीम कहते है कि वर्षा ऋतु आत … more →

Tags: आलेख, अध्यात्म, hindu, dharm, Adhyaatm, धर्म, India, सन्देश, साहित्य


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