आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः।। नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि अपना समूह,समुदाय वर्ग या धर्म त्याग कर दूसरे का सहारा लेने वाले राजा का नाश हो जाता है वैसे ही… more →
दीपक भारतदीप की शब्दलेख-पत्रिकाK M Mishra wrote 2 months ago: दर्शक । जैसे कि आमतौर पर होते हैं । मध्यमवर्गीय औरतें, बच्चे, लड़कियां और उनको घूरते मध्यम वर्गीय युव … more →
K M Mishra wrote 2 months ago: आज दशहरा है । इसकी सूचना देने के लिये चौराहे पर 30 माइक्रोफोन अपनी पूरी क्षमता के साथ चिंघाड़ रहे हैं … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: वह स्वस्थ्य सुंदर युवक रामलीला मंडली में भगवान श्री राम की भूमिका निभाता था। इसी कारण लोग उसको राम ज … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ——————– कृमिकुलचितं लालाक्लिन् … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: अम्भोजिनी वनविहार विलासमेव हंसस्य हंति नितरां कुपितो विधाता। न त्वस्य दुग्धवाभेदविधौ प्रसिद्धां वेंद … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत ते रहीम पशु से अधिक, रीझेहु कछू न देत कविवर रहीम कहते हैं कि बां … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: मनसि वचसि काये पुण्यपीयूषपूर्णास्त्रिभुवनमुपकारश्रेणिभिः प्रीणयन्तः परगुणपनमाणून्पर्वतीकृत्य नित्यं … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: पीलीभीत से भाजपा प्रत्याशी वरुण गांधी का औपचारिक नाम फिरोज वरुण गांधी होने की चर्चा मैंने कल ही की थ … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः।। नीति विशारद चाणक्य कहते ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: बोलने से न बोलना अच्छा बताया गया है, किन्तु सत्य बोलना भी एक गुण है। चुप या मौन रहने से सत्य बोलना द … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: रहिमन राम न उर धरै, रहत विषय लपटाय पसु खर खात सवाद सों, गुर बुलियाए खाय कविवर रहीम कहते है कि भगवान … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: परिवर्तिनि संसारे मृतः को वा न जायते स जातो येन जातेन याति वंशः समुन्नतिम् हिंदी में भावार्थ-परिवर्त … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: रहिमन धोखे भाव से, मुख से निकले राम पावत पूरन परम गति, कामादिक कौ धाम कविवर रहीम कहते हैं कि अगर धोख … more →
mehhekk wrote 1 year ago: बचपन के वो दिन थे कितने सुहाने कुछ भी कीमत दूं वापस कभी ना आने कितनी अजब गजब थी वो छोटी सी दुनिया हक … more →
IndianEngineer wrote 1 year ago: TWO KIDS ARE KILLED IN AHMEDABAD TO CREATE VIOLENCE THEN BANGLORE BLAST TERROR ATTACK, AHMEDABAD TER … more →
mehhekk wrote 2 years ago: top post एकांत जगह,सुंदर वन में,घने हरे पेड़ के नीचे हर एक पन्ने पर वाल्मीकि,रामायण की महान गाथा लि … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: Lyrics: http://jagjitsingh.wordpress.com/ … more →