आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः।। नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि अपना समूह,समुदाय वर्ग या धर्म त्याग कर दूसरे का सहारा लेने वाले राजा का नाश हो जाता है वैसे ही… more →
दीपक भारतदीप की शब्दलेख-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वह स्वस्थ्य सुंदर युवक रामलीला मंडली में भगवान श्री राम की भूमिका निभाता था। इसी कारण लोग उसको राम … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ——————– कृमिकुलचितं लालाक्लिन् … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अम्भोजिनी वनविहार विलासमेव हंसस्य हंति नितरां कुपितो विधाता। न त्वस्य दुग्धवाभेदविधौ प्रसिद्धां वें … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: मनसि वचसि काये पुण्यपीयूषपूर्णास्त्रिभुवनमुपकारश्रेणिभिः प्रीणयन्तः परगुणपनमाणून्पर्वतीकृत्य नित्यं … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः।। नीति विशारद चाणक्य कहते ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: बोलने से न बोलना अच्छा बताया गया है, किन्तु सत्य बोलना भी एक गुण है। चुप या मौन रहने से सत्य बोलना … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं आत्मवर्ग परित्यन्य परवर्गे समाश्रितः। स्वयमेव लयं याति यथा राजात्यधर्मतः … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: रहिमन राम न उर धरै, रहत विषय लपटाय पसु खर खात सवाद सों, गुर बुलियाए खाय कविवर रहीम कहते है कि भगवान … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: परिवर्तिनि संसारे मृतः को वा न जायते स जातो येन जातेन याति वंशः समुन्नतिम् हिंदी में भावार्थ-परिवर्त … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: रहिमन धोखे भाव से, मुख से निकले राम पावत पूरन परम गति, कामादिक कौ धाम कविवर रहीम कहते हैं कि अगर धो … more →
K M Mishra wrote 10 months ago: Aur Rawan Jeet Gaya … more →
aspundir wrote 1 year ago: श्री रामचरित मानस के सिद्ध ‘मन्त्र’ नियम- मानस के दोहे-चौपाईयों को सिद्ध करने का विधान य … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: राम अगर मिथक हैं तो यहाँ सत्य कौन है? शायद इस बात का उत्तर वह लोग भी नहीं दे सकते जो राम को मिथक मान … more →