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Blogs about: Rare Gems

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अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता कभी जान सदक़े होती कभी दिल निछार होता कोई फ़ितना था क़यामत ना फिर … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Non Films, Chitra Singh, जगजीत सिंह, Hmv

शहरों शहरों आज हैं

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: शहरों शहरों आज हैं तन्हा दिल पर गहरा दाग़ लिये, गलियों गलियों हो गये रुसवा दिल पर गहरा दाग़ लिये, आज ग … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Non Films, Chitra Singh, जगजीत सिंह, Hmv

ये किसका तसव्वुर है

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: ये किसका तसव्वुर है ये किसका फ़साना है, जो अश्क है आँखों में तस्बीह का दाना है, आँखों में नमी सी है च … more →

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वो जो हम में तुम में क़रार था

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हे याद हो के न याद हो, वही यानी वादा निबाह का तुम्हें याद हो के न य … more →

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फिर कुछ इस दिल को बेक़रारी है

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: फिर कुछ इस दिल को बेक़रारी है, सीना ज़ोया-ए-ज़ख़्म-ए-कारी है, फिर जिगर खोदने लगा नाख़ून, आमद-ए-फ़स्ल-ए-लाल … more →

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पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है, जाने ना जाने गुल ही ना जाने बाग़ तो सारा जाने है, चारागरी बी … more →

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ओस पड़े बहार पर

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: ओस पड़े बहार पर आग लगे कनार में, तुम जो नहीं कनार में लुत्फ़ ही क्या बहार में, उस पे करे ख़ुदा रहम गर्द … more →

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मुझे दे रहे हैं तसल्लियां

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: मुझे दे रहे हैं तसल्लियां वो हर एक ताज़ा पयाम से, कभी आके मंज़र-ए-आम पर कभी हट के मंज़र-ए-आम से, ना ग़रज़ … more →

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कब से हूँ क्या बताऊं जहान-ए-ख़राब में

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: कब से हूँ क्या बताऊं जहान-ए-ख़राब में, शब हाय हिज्र को भी रखूं गर हिसाब में, ता फिर ना इंतज़ार में नीं … more →

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मेहरबां हो के बुला लो1 comment

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: मेहरबां हो के बुला लो मुझे चाहो जिस वक़्त, मै गया वक़्त नहीं हूं के फिर आ भी ना सकूं, ज़ौफ़ में ता नये अ … more →

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उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी ना सकूं

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी ना सकूं, ढ़ूंढ़ने उस को चला हूँ जिसे पा भी ना सकूं, ड़ाल कर ख़ाक मेरे … more →

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जब भी आती है तेरी याद1 comment

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: जब भी आती है तेरी याद कभी शाम के बाद, और बढ़ जाती है अफ़्सुर्दादिली शाम के बाद, अब इरादों पे भरोसा है … more →

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इश्क़ फ़ना का नाम है

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: इश्क़ फ़ना का नाम है इश्क़ में ज़िंदगी न देख, जल्वा-ए-आफ़ताब बन ज़र्रे में रोशनी न देख, शौक़ को रहनुमा बन ज … more →

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दिल को क्या हो गया ख़ुदा जाने

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: दिल को क्या हो गया ख़ुदा जाने, क्यों है ऐसा उदास क्या जाने, कह दिया मैने हाल-ए-दिल अपना, इस को तुम जा … more →

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बस कि दुश्वार है हर काम का आसां होना1 comment

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: बस कि दुश्वार है हर काम का आसां होना, आदमी को भी मयस्सर नहीं इन्सां होना, की मेरे क़त्ल के बाद उस ने … more →

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धुंआ उठा था दीवाने के जलते घर से

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: धुंआ उठा था दीवाने के जलते घर से सारी रात, लेकिन वो ख़ामोश रहे दुनिया के ड़र से सारी रात, रात यूँ जलते … more →

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अपना ग़म भूल गये तेरी जफ़ा भूल गये

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: अपना ग़म भूल गये तेरी जफ़ा भूल गये, हम तो हर बात मोहब्बत के सिवा भूल गये, हम अकेले ही नहीं प्यार के दी … more →

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अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता, कभी जान सदक़े होती कभी दिल निसार होता, ना मज़ा है दुश्मनी में न … more →

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साक़िया होश कहाँ था1 comment

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: आँख को जाम समझ बैठा था अंजाने में, साक़िया होश कहाँ था तेरे दीवाने में, जाने किस बात की उनको है शिकाय … more →

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