Blogs about: Reminisce

रातभर चाँद देखा किये15 comments

विनय wrote 6 months ago: रातभर चाँद देखा किये माज़ी में उड़ रहीं थीं तेरी यादें समेटा किये रातभर चाँद देखा किये कभी हाथ से ढका … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, ख़ामोश, ख़ाली, गदेली, चाँद, तन्हाई, तस्वीर, नाम

तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं12 comments

विनय wrote 7 months ago: तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं वह पहली शाम जब देखा था तुम्हें मैं … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Love, time, तन्हाई, प्यार, याद, बादल

जाने कैसी तन्हाई रहती है2 comments

विनय wrote 11 months ago: जाने कैसी तन्हाई रहती है महफ़िले-यार में दिल में अब भी साँस लेते हैं वह पुराने नाम तुमने मुझे भुलाके … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, Heart, Love, तन्हाई, दिल, प्यार, याद, नाम

हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों से

विनय wrote 1 year ago: हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों से अब बात नहीं बनती है तेरी यादों से बोल तुझे इक हर्फ़ में कैसे … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Love, light, eyes, प्यार, याद, मोहब्बत, तस्वीर

वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है

विनय wrote 1 year ago: वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है तो कहता है बस इतने ही! ख़िज़ाँ आयी बहार लौट गयी निशान रह गये इतने ही उसने न … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, वक़्त, time, याद, दीवाना, बहार, सदा, ख़ुदा

जब आसमाँ पे यह हिलाल आया

विनय wrote 1 year ago: जब आसमाँ पे यह हिलाल आया मुझे याद तुमसे विसाल आया जिस शब तारों की बारात आयी मुझे तुम्हारा ही ख़्याल … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, प्यार, याद, मोहब्बत, ख़्याल, Beauty, आसमाँ

शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर

विनय wrote 1 year ago: शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर जैसे वह मुझको मिले और मिले भी ना चाँद खिड़की पर बैठकर मुझे देखता ह … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, याद, मोहब्बत, रात, Pain

यह कैसा लम्हा है3 comments

विनय wrote 1 year ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पलकों में क़ैद है दिल के पास है क्या देखूँ तेरे सिवा क्या चाहूँ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, एहसास, दर्द, दवा, दिल, दीवाना, दुनिया, निगाह

तन्हाई यूँ ढूँढ़ती है मुझे2 comments

विनय wrote 1 year ago: तन्हाई यूँ ढूँढ़ती है मुझे जैसे मेरी सदा तुम्हें जो दीवारें ख़ुद-ब-ख़ुद गिरती हैं मैं कैसे चुनावाऊँ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, दर्द, Love, तन्हाई, प्यार, याद, मोहब्बत, रात

रक़ाबी चाँद जला दो

विनय wrote 1 year ago: रक़ाबी चाँद जला दो यह रात चाँदनी हो जाये कभी तो पास बुला लो तेरी नज़दीकियों का मुझे एहसास हो जाये गुला … more →

Tags: मेरी नज़्म, चाँद, इश्क़, Heart, Love, आइना, दिल, प्यार, मोहब्बत

बिछड़ के रहना सीख लिया है1 comment

विनय wrote 1 year ago: बिछड़ के रहना सीख लिया है क्या तुमने, क्या तुमने बिछड़ के रहना सीख लिया है क्या तुमने, क्या तुमने … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, जुदा, दिल, प्यार, याद, मोहब्बत, तन्हा

यह यादें तो ऐसी हैं

विनय wrote 1 year ago: यह यादें तो ऐसी हैं जैसे मेरी परछाईं जब तक अंधेरे में चलते रहे तब तक हम दोनों साथ नहीं जहाँ उजालों क … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, फ़िज़ा, मोहब्बत

जिसकी यादों में गुज़ारता हूँ सुबह-शाम

विनय wrote 1 year ago: जिसकी यादों में गुज़ारता हूँ मैं सुबह-शाम मंज़िल वह मेरी वह मेरा आख़िरी मुक़ाम वह रंगीन शाम थी शाम वह ग … more →

Tags: मेरा गीत, नूर, Love, दिल, चेहरा, मंज़िल, मुक़ाम, वफ़ा, शाम

You always got best of me

विनय wrote 1 year ago: Flowers knew how to bloom I always set out myself From the crowded rooms I spent all day and night I … more →

Tags: English songs, Love, Flower, crowd, eyes, haze, Makeover, possible, Night

I am missing you all day14 comments

विनय wrote 1 year ago: I am missing you all day It’s true I love you baby Can you hold my hands forever To save me be … more →

Tags: English songs, Love, calling, desire, Search, missing, I Love You, winter, Betray

नज़र बचते बचाते लड़ ही गयी

विनय wrote 1 year ago: नज़र   बचते   बचाते   लड़   ही   गयी मय उन आँखों की हमें चढ़ ही गयी पूछो ज़रा गुलपोश से वह कहाँ है आज … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, नज़र, desire, तस्व्वुर, Alone

दोनों बहुत देर तक बैठे रहते हैं

विनय wrote 1 year ago: बहुत उदास-सी एक शाम बैठी है मेरे साथ अपने ख़ामोश लबों से कह देती है अनकही बातें दोनों बहुत देर तक बै … more →

Tags: मेरी नज़्म, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, शाम, ख़ामोश, लब

यह सिलसिला यूँ ही थमा रहेगा

विनय wrote 1 year ago: रोज़, यह बुझता नहीं शब, यह गलती नहीं बिन तेरे सब कुछ थम के रह गया है *दिन में रोशनी होती है, इसलिए … more →

Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, Love, light, प्यार, याद, रोशनी, मोहब्बत, सिलसिला


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