उफ़! यह छाँव की उमस तौबा यह झूठे फ़साने उम्मीद की धूप रिस गयी है शायिर: विनय प्रज… more →
विनय wrote 7 months ago: उफ़! यह छाँव की उमस तौबा यह झूठे फ़साने उम … more →
Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, उम्मीद, उफ़, धूप, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत
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