फिर वही दर्द, वही शाम है लबों पर फिर तेरा नाम है ज़िन्दा हूँ पर ज़िन्दगी नहीं सीने में साँसों का ताम-झाम है नतीजा-ए-इम्तिहाँ कुछ नहीं मेरा यह कैसा अन्जाम है मंज़िल से है अब तलक फ़ासला मेरी हर कोशिश नाकाम … more →
तख़लीक़-ए-नज़रPraful wrote 11 months ago: Full scorecard Test no. 1899 South Africa in Australia Test Series – 1st Test Australia v Sout … more →
Praful wrote 11 months ago: Full scorecard Test no. 1899 South Africa in Australia Test Series – 1st Test Australia v Sout … more →
विनय wrote 1 year ago: फिर वही दर्द, वही शाम है लबों पर फिर तेरा नाम है ज़िन्दा हूँ पर ज़िन्दगी नहीं सीने में साँसों का ताम-झ … more →
विनय wrote 1 year ago: क्या वह तुम थे जो आँखों को महका गये तमन्ना दबी-सी मेरे दिल में सुलगा गये मैं कितना तन्हा फिर रहा था … more →
विनय wrote 1 year ago: यह प्यार चीज़ क्या है? दीवानों का है काम बेकार ही पीछे दौड़ते हैं बिन सोचे अन्जाम कहते थे कि प्यार हम … more →