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Blogs about: Roof

लो! यह दिन भी क़रीब आ गये

विनय wrote 1 year ago: लो! यह दिन भी क़रीब आ गये जानम जब मैं तुम्हारे लिए सरे-बाम खड़ा होता था इस बरस होली के रंग रास नहीं आ … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, रंग, इश्क़, Love, क़रीब, प्यार, मोहब्बत, बिछोह, Separation

शाम गहरी हो रही थी

विनय wrote 2 years ago: शाम गहरी हो रही थी सुनहरा चाँद बादलों से झाँक रहा था छत पे था मैं और पुरवाई बह रही थी तेरा ख़्याल और … more →

Tags: मेरी नज़्म, चाँद, इश्क़, Love, light, तन्हाई, मौसम, प्यार, बादल


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