रोशन जमाल-ए-यार से है अन्जुमन तमाम, दहका हुआ है आतिश-ए-गुल से चमन तमाम, हैरत ग़ुरूर-ए-हुस्न से शोखी से इज़्तराब, दिल ने भी तेरे सीख लिये हैं चलन तमाम, अल्लह रे जिस्म-ए-यार की खूबी के ख़ुद-ब-ख़ुद, रंगीनियो… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: रोशन जमाल-ए-यार से है अन्जुमन तमाम, दहका हुआ है आतिश-ए-गुल से चमन तमाम, हैरत ग़ुरूर-ए-हुस्न से शोखी स … more →