बुझती हुई लौ में रूकती हुई साँसों में आपके हर ग़मों के आहों में मैं नहीं मैं तो हु आपके हर अच्छे पलों का साथी नहीं में आपके ग़मों का साथी क्यूँ ? ये मैं भी न समझ पाया अब … more →
ɤȫʋʂɦɑɳ's ɯɛɓ-ɓɭӧģRoushan wrote 2 months ago: बुझती हुई लौ में रूकती हुई साँसों में आपके हर ग़मों के आहों में मैं नहीं मैं तो हु आप … more →
Roushan wrote 3 months ago: kitu:- ना वो आसमा, ना वो मोती, ना वो जुगनू है ए-रहगुज़र ये बस है मोहब्बत का असर , Roushan:- मोहब्बत … more →
Roushan wrote 3 months ago: kitu:- ना वो आसमा, ना वो मोती, ना वो जुगनू है ए-रहगुज़र ये बस है मोहब्बत का असर , Roushan:- मोहब्बत … more →
Roushan wrote 4 months ago: Girl:- ढूँढता फिरता है जिन राहों मे मुसाफिरों की तरह उन्ही पगडन्डियों मे बिखर गई हूँ रौशनी बनकर … more →
Roushan wrote 4 months ago: Girl:- ढूँढता फिरता है जिन राहों मे मुसाफिरों की तरह उन्ही पगडन्डियों मे बिखर गई हूँ रौशनी बनकर … more →
Roushan wrote 4 months ago: इन्तेज़ार में मेरी आखें पत्थर हो गयी … अब तक आई न खबर आपकी …. कभी तो आयी हमारे आशियाने मे … more →
Roushan wrote 4 months ago: इन्तेज़ार में मेरी आखें पत्थर हो गयी … अब तक आई न खबर आपकी …. कभी तो आयी हमारे आशियाने मे … more →
Roushan wrote 5 months ago: याद करने से आया कुछ याद मुझे , के कुछ रखना है याद मुझे और कुछ है जाना भूल , पर क्या … more →
Roushan wrote 5 months ago: याद करने से आया कुछ याद मुझे , के कुछ रखना है याद मुझे और कुछ है जाना भूल , पर क्या … more →
Roushan wrote 6 months ago: Amardeep:- दोस्त की दोस्ती याद आती है दूर जाने के बाद Roushan:- तन्हाई में आ जाते है आंशु दोस्त … more →
Roushan wrote 6 months ago: Amardeep:- दोस्त की दोस्ती याद आती है दूर जाने के बाद Roushan:- तन्हाई में आ जाते है आंशु दोस्त … more →
Roushan wrote 1 year ago: है आपसे हमारी एक छोटी से इल्तज़ा यूँही रहना आप साथ मेरे जब से मिला हूँ आपसे बस आप ही आप हो हरसू अब हक … more →
Roushan wrote 1 year ago: है आपसे हमारी एक छोटी से इल्तज़ा यूँही रहना आप साथ मेरे जब से मिला हूँ आपसे बस आप ही आप हो हरसू अब हक … more →
Roushan wrote 1 year ago: Hum Banaras ke bhaiya ………….. ke saiyaan Daal gale mein baiyena Naach Rahe h … more →
Roushan wrote 1 year ago: Hum Banaras ke bhaiya ………….. ke saiyaan Daal gale mein baiyena Naach Rahe h … more →
Roushan wrote 1 year ago: किसी ने क्या खूब कहा मुझपे, दिल्लगी दीवार से तो परी क्या चीज़ है कभी हमारे मन को टटोल के भी तो देखो … more →
Roushan wrote 1 year ago: किसी ने क्या खूब कहा मुझपे, दिल्लगी दीवार से तो परी क्या चीज़ है कभी हमारे मन को टटोल के भी तो देखो … more →