“मंजिलें भी उसकी थीं, रास्ते भी उसके थे , मैं तनहा था , काफिले भी उसके थे , साथ साथ चलने की सोच भी उसकी थी, फिर रास्ते बदलने का फ़ैसला भी उसका था, आज क्यूँ तनहा है ये … more →
Gaurav's NotesAmarjeet Singh wrote 1 year ago: तुम को देखा तो ये ख़याल आया, ज़िंदगी धुप तुम घना छाया, आज फिर दिल ने इक तमन्ना की, आज फिर दिल को हमने … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: … more →
Gaurav Mishra wrote 2 years ago: “मंजिलें भी उसकी थीं, रास्ते भी उसके थे , मैं तनहा था , काफिले भी उसके थे , साथ साथ … more →