सच्ची बात कही थी मैंने, लोगों ने सूली पे चढाया, मुझ को ज़हर का जम पिलाया, फिर भी उन को चैन न आया, सच्ची बात कही थी मैंने, ले के जहाँ भी, वक्त गया है, ज़ुल्म मिला है, ज़ुल्म स्सहा है, सच का ये इनाम मिला ह… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: सच्ची बात कही थी मैंने, लोगों ने सूली पे चढाया, मुझ को ज़हर का जम पिलाया, फिर भी उन को चैन न आया, सच् … more →