वो सारी बातें ख़्वाब हुई और ख़्वाब से फिर अज़ाब हुई, जब तुम को हवा के झोंके से पैगाम हमारा मिलता था, जब मेरी इक नज़र से ही चेहरा ये तुम्हारा खिलता था. कुछ याद सा तुम को हैं जाना? जब फ़ोन की आदत रोज़ की थी… more →
केटीश कविता जगतkketish wrote 6 days ago: वो सारी बातें ख़्वाब हुई और ख़्वाब से फिर अज़ाब हुई, जब तुम को हवा के झोंके से पैगाम हमारा मिलता था, जब … more →
kketish wrote 6 days ago: जब कभी देखूं हाथ की हथेलियों को तो खाली ये नज़र आती है…. सुनी सुनी सी लकीरों पर….किस्मत स … more →
kketish wrote 3 weeks ago: वो मुझको कभी भी भूल नहीं सकता, लाख चाहे फिर भी बिछड़ नहीं सकता. ¤*.¸¸.·´¨`”*”´¨`·.¸¸.*¤¤ … more →
kketish wrote 1 month ago: दूसरों की हद्द में हम क्यूँ क़दम जमाते हैं उनकी आरजू कर के ख़ुद को क्यूँ गंवाते हैं हम भी याद करते ह … more →
kketish wrote 1 month ago: उस शख्स को मेरा हल्का सा एहसास तो है, बेदर्द सही वोह मेरा हमराज़ तो है। वोह आए न आए मेरे पास लेकिन … more →
kketish wrote 1 month ago: मैं वही हूँ जिसे तुम प्यार किया करते थे, दिन में सो सो बार मेरा नाम लिया करते थे आज क्या बात है क्य … more →
kketish wrote 1 month ago: कितनी अज़िअत से उस ने मुझ को भुलाया होगा मेरी यादों ने उसे खूब रुलाया होगा बात बेबात आंख उसकि जो छलकत … more →
kketish wrote 2 months ago: भूलने वाले से कोई कहदे ज़रा इस तरह याद आने से क्या फायदा, जब मेरे दिल की दुनिया बसती नहीं फिर ख् … more →
maheshpareek wrote 11 months ago: Author OG MANDINO World's Greatest Salesman British साहित्यकार इलियट ने एक बार लिखा था कि … more →
विनय wrote 1 year ago: क्यों लोग यहाँ जमा हैं? क्यों वह उदास बैठा है? कुछ तो बोलो! मेरी साँसें उखड़ रही हैं शायिर: विनय प्र … more →
विनय wrote 1 year ago: यह कोरे काग़ज़ करते हैं दिल की बात जैसे यह कोरे हैं वैसे मेरे दिन-रात अपनी मुलाक़ात कब मुकम्मल हुई थी द … more →
विनय wrote 2 years ago: I know I’m lost you’re gone We will never meet again But I want a day to love you I wanna make love … more →
विनय wrote 2 years ago: बहुत उदास-सी एक शाम बैठी है मेरे साथ अपने ख़ामोश लबों से कह देती है अनकही बातें दोनों बहुत देर तक बै … more →