अफ़लातून wrote 3 weeks ago: मैंने जब हिन्दी में ब्लॉगिंग शुरु की उस समय से इस समय की कुछ दशा ही और है ! वैचारिक मतभेद तब भी थे ल … more →
Sanjay wrote 4 months ago: Daily Hindi News चुनाव चौपाल: सागर की चुनावी खबरें … more →
pryas wrote 10 months ago: फूल पत्थर से उगेगा सोचता है आदमी, पर्वतों पिघलोगे इकदिन, सोचता है आदमी. चाँद पर तो घुमने हम कई बार आ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: 1.उठ उठ कर उँची आ जाती है किनारों पर ल़हेरें मानती है उनको किनारों से गहरा प्यार है लिपट कर वापस ल … more →
mehhekk wrote 1 year ago: एक छोटिसी चट्टान पर खड़ी हूँ भूमध्य असीम से सागर में दूंढ़ रही हूँ किनारा ज़िंदगी में जो बन जाए सहार … more →