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Blogs about: Saher

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तुमने दिल की बात कह दी2 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तुमने दिल की बात कह दी, आज ये अच्छा हुआ, हम तुम्हें अपना समझते थे, बढा धोखा हुआ, जब भी हमने कुछ कहा, … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, सहर, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, जगजीत सिंह, ग़ज़ल

तेरे बारें में जब सोचा नहीं था2 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तेरे बारें में जब सोचा नहीं था, मैं तन्हा था मगर इतना नहीं था, तेरी तस्वीर से करता था बातें, मेरे कम … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, सहर, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, जगजीत सिंह, ग़ज़ल

मुझे होश नहीं

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मुझे होश नहीं, मुझे होश नहीं, कितनी पी कैसे कटी रात मुझे होश नहीं, रात के साथ गयी बात , मुझे होश नही … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, सहर, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, जगजीत सिंह, ग़ज़ल

चराग-ए-इश्क जलाने की रात आयी है

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: चराग-ए-इश्क, जलाने की रात आयी है, किसी को अपना बनाने की रात आयी है, वो आज आये है महफ़िल में चांदनी ले … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, सहर, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, जगजीत सिंह, ग़ज़ल

सहर - ऑडियो रिलीज2 comments

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: … more →

Tags: album, Audio, audio release, ऑडियो, ऑडियो रिलीज, जगजीत सिंह, रिलीज, सहर, Jagjit Singh

मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो, मेरी तरह तुम भी झूठे हो, इक टहनी पर चाँद टिका था, मैंने ये समझा तुम बैठे … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, सहर, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, जगजीत सिंह, ग़ज़ल

मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो, मेरी तरह तुम भी झूठे हो, इक टहनी पर चाँद टिका था, मैंने ये समझा तुम बैठे … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, सहर, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, जगजीत सिंह, ग़ज़ल

तेरे आने की जब ख़बर महके3 comments

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तेरे आने की जब ख़बर महके, तेरे खुश्बू से सारा घर महके, शाम महके तेरे तसव्वुर से, शाम के बाद फिर सहर … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, सहर, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, जगजीत सिंह, ग़ज़ल

तेरे आने की जब ख़बर महके3 comments

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तेरे आने की जब ख़बर महके, तेरे खुश्बू से सारा घर महके, शाम महके तेरे तसव्वुर से, शाम के बाद फिर सहर … more →

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ये जो ज़िन्दगी की किताब है

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: ये जो ज़िन्दगी की किताब है, ये किताब भी क्या खिताब है, कहीं एक हसीं सा ख्वाब है, कही जान-लेवा अज़ाब है … more →

Tags: Álbums, गज़ल, सहर, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, जगजीत सिंह, ग़ज़ल, Rajesh Reddy

याद नहीं क्या क्या देखा था1 comment

Amarjeet Singh wrote 3 years ago: याद नहीं क्या क्या देखा था सारे मंज़र भूल गये, उसकी गलियों से जब लौटे अपना भी घर भूल गये, ख़ूब गये परद … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, सहर, Ghazal, Jagjit Singh, जगजीत सिंह, Nazir Bakri, T Series


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