तुमने दिल की बात कह दी, आज ये अच्छा हुआ, हम तुम्हें अपना समझते थे, बढा धोखा हुआ, जब भी हमने कुछ कहा, उसका असर उल्टा हुआ, आप शायद भूलते है, बारहा ऎसा हुआ, आपकी आंखों में ये आंसू कहाँ से आ गये, हम तो दि… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: तुमने दिल की बात कह दी, आज ये अच्छा हुआ, हम तुम्हें अपना समझते थे, बढा धोखा हुआ, जब भी हमने कुछ कहा, … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तेरे बारें में जब सोचा नहीं था, मैं तन्हा था मगर इतना नहीं था, तेरी तस्वीर से करता था बातें, मेरे कम … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मुझे होश नहीं, मुझे होश नहीं, कितनी पी कैसे कटी रात मुझे होश नहीं, रात के साथ गयी बात , मुझे होश नही … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: चराग-ए-इश्क, जलाने की रात आयी है, किसी को अपना बनाने की रात आयी है, वो आज आये है महफ़िल में चांदनी ले … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो, मेरी तरह तुम भी झूठे हो, इक टहनी पर चाँद टिका था, मैंने ये समझा तुम बैठे … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो, मेरी तरह तुम भी झूठे हो, इक टहनी पर चाँद टिका था, मैंने ये समझा तुम बैठे … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तेरे आने की जब ख़बर महके, तेरे खुश्बू से सारा घर महके, शाम महके तेरे तसव्वुर से, शाम के बाद फिर सहर … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तेरे आने की जब ख़बर महके, तेरे खुश्बू से सारा घर महके, शाम महके तेरे तसव्वुर से, शाम के बाद फिर सहर … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: ये जो ज़िन्दगी की किताब है, ये किताब भी क्या खिताब है, कहीं एक हसीं सा ख्वाब है, कही जान-लेवा अज़ाब है … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: याद नहीं क्या क्या देखा था सारे मंज़र भूल गये, उसकी गलियों से जब लौटे अपना भी घर भूल गये, ख़ूब गये परद … more →