कौन गुज़रा है तमन्नाओं की महफ़िल के क़रीब आज क्यों होती है रह रह के कसक दिल के क़रीब राह्बर आप अगर हैं तो ख़ुदा खैर करे कारवां ही कहीं लुट जाए न मंजिल के क़रीब बच गए शोरिशे तूफां … more →
साहिर हाशमी की शाएरीsarhashmi wrote 2 years ago: कौन गुज़रा है तमन्नाओं की महफ़िल के क़रीब आज क्यों होती है रह रह के कसक दिल के क़रीब राह्ब … more →