चलने को ताज महल भी चल जाता है हिलने को कुतुबमीनार भी हिल जाता है चांद लाकर यहां भेंट किया जाता है तारा तोड़ कर जमीन पर सजाया जाता है बेचने वाला सौदागर होना चाहिए ख्वाब और भ्रम बेचना यहां आसान है अपढ़… more →
** दीपक भारतदीप की अमृत संदेश-पत्रिका** Mastram Deepak Bharatdeep's Hindi express patrikaदीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि —————— तानींद्रियाण्यविकलानि तदेव ना … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: चलने को ताज महल भी चल जाता है हिलने को कुतुबमीनार भी हिल जाता है चांद लाकर यहां भेंट किया जाता है त … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दीपक सुन्दर देखि करि, जरि जरि मरे पतंग बड़ी लहर जो विषय की, जरत न मोरे अंग संत शिरोमणि कबीरदास जी क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.आकाश में बैठकर किसी से वार्तालाप नहीं हो सकता, वहां कोई किसी का संदेश वाहक न जा सकता है और न वहां … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बगल में अखबार दबाकर घर आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापु तुमने पहले अखबारों और अब ब्लाग पर क्रिकेट पर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: धोनी कप्तान की तरह पेश आयें एक दिवसीय मैचों के श्रंखला में आस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर यह सिद्ध क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कल एक टीवी चैनल पर प्रसारित खबर एक खबर के अनुसार सऊदी अरब में वेलेंटाइन डे पर उसे मनाने से रोकने के … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अब धीरे-धीरे यह समझ में आ रहा है कि ब्लॉग बनाना और लिखना वैसे ही है जैसे किसी शो के लिए एस.एम् एस. क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जब कभी में चौपालों पर लिखता हूँ तो ऐसा लगता है कि कुछ लोग नहीं चाहते कि मैं वहाँ कुछ लिखूं. कल एक चि … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अंतर्जाल पर एकछत्र राज्य की कोशिश ने कुछ लोगों को अंधा बना दिया अपने दोस्त लेखकों की भीड़ जुटाकर सम … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सपने में जब खोये रह्ते कभी पूरी होंगे यही सोचकर बहुत कुछ सहते जब होता है हकीकतों की तपिश से सामना त … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सत्य से जितनी दूर जाओगे भ्रम को उतना ही करीब पाओगे खवाब भले ही हकीकत होने लगें सपने चाहे सामने चमकने … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जानि अनीती जे करैं, जागत ही रह सोई। ताहि सिखाई जगाईबो, उचित न होई ॥ अर्थ-समझ-बूझकर भी जो व्यक्ति अन … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: किसी की पीडा को दूर करने की कोशिश जब हो जाती है नाकाम बढ़ जाती है उसकी पीडा तो हो जाते बदनाम कमजोर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कुछ ब्लोगों में शब्द और वर्तनी की गलतिया आ जाती हैं. मैं खुद कई गलतियां कर जाता हूँ, यह स्वीकार करते … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ओम शांति फिल्म में अपनी मजाक उडाये जाने से भारतीय फिल्मों के पुराने अभिनेता कलाकार मनोजकुमार आज के … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ब्लोगरों के वर्गीकरण को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं. इसका वैसे कोई आधिकारिक वर्गीकरण नहीं हुआ है, प … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दीपकबापू कहिन के बाद मेरा यह दूसरा ब्लोग है जिसने पाठक/व्युज की संख्या दस हजार पर कर ली. अंतर्जाल पर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज दीपकबापू कहिन ने १० हजार पाठकों का आंकडा पार कर लिया है. मेरे द्वारा बनाया जब यह ब्लोग बनाया गया … more →