फंदेबाज मिला रास्ते में और बोला ‘चलो दीपक बापू तुम्हें एक सम्मेलन में ले जायें। वहां सर्वशक्तिमान के एक नये अवतार से मिलायें। हमारे दोस्त का आयोजन है इसलिये मिलेगा हमें भक्तों में खास दर्जा, दर्शन कर … more →
**दीपक भारतदीप की हिंदी साहित्य-पत्रिका** ***Deepak Bharatdeep ki Hindi Patrika***दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: फंदेबाज मिला रास्ते में और बोला ‘चलो दीपक बापू तुम्हें एक सम्मेलन में ले जायें। वहां सर्वशक्तिमान के … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: उनके चेहरे पर बटन की तरह टंगी आंखें कपड़े और किताबों के पिंजर से बाहर झांकती दिखती है। ऐसा लगता है कि … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: हिंदी में विभिन्न कालों की चर्चा बहुत रही है। सबसे महत्वपूर्ण स्वर्णकाल आया जिसमें हिंदी भाषा के लिय … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: जब तक लगे न कहीं आग उनको चैन नहीं आता बुझाने के ठेकेदारों को ज्यादा देर इंतजार नहीं करना होता आदमी अ … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: भारत में अधिकतर लोगों को फिल्म देखने का शौक है और सभी की अपनी वय और समय के अनुसार पंसदीदा फिल्में और … more →
दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: एक सज्जन ने दूसरे से कहा ‘‘यार, क्या तुम्हारे घर में ळाह सास बहु का रोज होता है झगड़ा हमारे यहां तो … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: अच्छा लगता है दूसरों की जंग की बात सुनकर पर आसान नहीं है खुद लड़ना दूसरों के घाव देखकर भले ही दर्द उ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: महामशीन के रूप में चर्चित महादानवीय मशीन का प्रयोग अब रुक गया है। अगर आज के सभ्य समाज में महिमा मंडि … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: एक शवयात्रा में दो आदमी पीछे जा रहे थे एक ने कहा-‘बेकार आदमी था। किसी के काम का नहीं था’ दूसरे ने कह … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: उस दिन ब्लागर अपने कमरे में बैठा लिख रहा था तभी उसे बाहर से आवाज सुनाई दी जो निश्चित रूप से दूसरे ब् … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कल गुरुपूर्णिमा के दिन था और लोगों ने अपने हृदय में स्थित गुरुओं की पूर्जा अर्चना की। भारत में यह पर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज से यह पत्रिका प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से प्रकाशित होगी। इसका लेखन एवं संपादन एक स्वयंसेवी प … more →