कौन हो नूरे-जिगर कोई मोह्पाश हो दहकते दिल में खिला प्यार पलाश हो | खीची चली आती हूँ उसी मकाम पर मुश्किल से मिलती वो बूँद आस हो | शाहे-समंदर कब का रीता हो चुका बुझती ही नही कभी अजीब प्यास हो | तुमसे दू… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: कौन हो नूरे-जिगर कोई मोह्पाश हो दहकते दिल में खिला प्यार पलाश हो | खीची चली आती हूँ उसी मकाम पर मुश् … more →
mehhekk wrote 1 year ago: 1.उठ उठ कर उँची आ जाती है किनारों पर ल़हेरें मानती है उनको किनारों से गहरा प्यार है लिपट कर वापस लौ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: रुपहली किरनो से सजाया जो आसमान चाँद के बिन सितारे अधूरे से लगते है | समंदर की गहराई में छुपाया जो … more →
mehhekk wrote 2 years ago: कहते है लोग ये इश्क़ top post कहते है लोग,ये इश्क़ आग का दरिया होता है | कैसे कहे,के इश्क़,किसिके दि … more →