Blogs about: Sampadkeeya
ब्लोग लिखते हुए उठने लगते हैं कई संशय-आलेख
— 3 comments
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मैं यह पोस्ट पहले भी लिखना चाहता था प … more »
पर मजबूरियाँ इसकी इजाजत नहीं देतीं=हिन्दी शायरी
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कभी सोचते हैं कि दिमाग का बोझ उठाकर जम … more »
रहीम के दोहे:दृढ़ चरित्र हो तो कुसंगति भी नहीं बिगाड़ सकती
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसं … more »
पहले आतंकवाद आया कि पर्यावरण प्रदूषण
— 1 comment
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पहले इस नई दुनिया में पर्यावरण प्रदू … more »
कुछ लोगों के लिए समाज सेवा फैशन है
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: आखिर समाज सेवा है क्या? उसका स्वरूप क् … more »
लेखकीय अधिकार से लिखें अनुयायी बनकर नहीं
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: इस देश में स्वतंत्रता के बाद विचार और … more »
ब्लोग लेखक और लेखक ब्लोगर (२)
— 3 comments
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जब मैं अपने सभी ब्लोग पर पाठकों की संख … more »
चाणक्य नीति:अपने घर की बात गुप्त रखें
— 1 comment
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: १.बुद्धिमान व्यक्ति को चाहिए कि वह अपन … more »
सब रंग देखो दृष्टा बनकर
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: नाम है हीरो बहादुरी में जीरो पर्दे पर … more »
क्रिकेट में संयत व्यवहार रखना आवश्यक
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: भारत और आस्ट्रेलिया की बीच हाल ही मे … more »
पावर कट तो पोस्ट कट
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: भारत के बडे शहरों और विदेशों में रहन … more »
हास्य कविता -शांति के प्रवर्तक
— 1 comment
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: समाज के ठेकेदारों की पड़ती जा रही थी छ … more »
चाणक्य नीति:विवशता में करते हैं भक्ति का नाटक
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: 1.भंवर जब तक कमल दल के बीच रहता है तो … more »
विवाद से बचने के लिए व्यंजना विधा में लिखें
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: हिंदी भाषा में लिखने की तीय विधाएं है … more »
हास्य कविता -हीरो को मिली जेल, प्रियतम प्यार में फेल
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: एक ही हीरो की फिल्म देखने और गाने सुनन … more »
वह औरत
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: दिन भर ईंट, पत्थर और सीमेंट का मसाला-त … more »
आईने में बदहवास दीपक बापू
दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: (यह व्यंग्य कविता काल्पनिक है और इसका … more »
हर चमकने वाली चीज हीरा नहीं होती
दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: क्रिकेट,फिल्म,राजनीति और और पत्रकारि … more »
पैसा और सुख -एक सस्मरण
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: हमारे देश के अनेक महापुरुष कह चुके है … more »
