मन पखेरू उड़ जा मन पखेरू उड़ जा लै आ कोई संदेस बरस पर बरस बीत रहे पिया भए परदेस | मिलते ही उनसे ये कहना तुझ बिन मुश्किल है अब रहना दिल रे , तू धर ले उनकी धड़कन का भेस मन पखेरू उड़ जा लै आ कोई संदेस … more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: मन पखेरू उड़ जा मन पखेरू उड़ जा लै आ कोई संदेस बरस पर बरस बीत रहे पिया भए परदेस | मिलते ही उनसे ये … more →