कल गुरुपूर्णिमा के दिन था और लोगों ने अपने हृदय में स्थित गुरुओं की पूर्जा अर्चना की। भारत में यह पर्व बहुत श्रद्धा से मनाया जाता है। हिंदू अध्यात्म में गुरु का बहुत महत्व है और शायद यही कारण है कि इस… more →
**दीपक भारतदीप की हिंदी साहित्य-पत्रिका** ***Deepak Bharatdeep ki Hindi Patrika***gulabkothari wrote 5 months ago: संस्कार जीवन-व्य … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: कविवर रहीम कहते हैं रहिमन आलस भजन में, विषय सुखहिं लपटाय घास चरै पसु स्वाद तै, गुरु गुलिलाएं खाय मनु … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आकीर्ण मण्डलं सव्र्वे मित्रैररिभिरेव च सर्वः स्वार्थपरो लोकःकुतो मध्यस्थता क्वचित् सारा विश्व शत्रु … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कल गुरुपूर्णिमा के दिन था और लोगों ने अपने हृदय में स्थित गुरुओं की पूर्जा अर्चना की। भारत में यह पर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १. जो व्यक्ति ऐसे लोगों को दंड देता है जिन्हें दंड नहीं देना चाहिए तथा जिनको देना चाहिऐ उनको नहीं दे … more →