Blogs about: Sanskar

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आरती रविवार की - Aarti Ravivaar ki 1 comment

astroprabha wrote 8 months ago: कहं लगि आरती दास करेंगे, सकल जगत जाकी जोत विराजे, सात समुद्र जाके चरणनि बसे, कहा भये जल कुम्भ भरे हो … more →

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Aarti Ganga ji ki

astroprabha wrote 8 months ago: गंगा माता जी की आरती ॐ जय गंगे माता श्री जय गंगे माता… जो नर तुमको ध्याता मनवांछित फल पाता … more →

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नामकरण संस्कार - Naamkaran Sanskar - Importance of Naamkaran Sanskar1 comment

astroprabha wrote 8 months ago: भारतीय ज्योतिष में नामकरण संस्कार को सोलह संस्कारों में से एक संस्कार के रुप में महत्ता प्राप्त है. … more →

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रामायण,महाभारत और श्रीमदभागवत की कथाओं की आज भी प्रासंगिकता-हिन्दी लेख

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago:                 उस दिन एक … more →

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संस्कार2 comments

स्वार्थ wrote 1 year ago: हमेशा हर बार की तरह आज भी मैं अपनी माटी और माँ की शरण में अपने गांव और घर पहुंचा हूँ पुनः अपने भीतर … more →

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प्रथ्वी पर विचरते हैं तीन हीरे-हिन्दी धार्मिक चित्तन (prathvi ke teen heere-hindi dharmik chittan)

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:            आधुनिक प्रचार माध्यमों के विज्ञापनों से … more →

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हिन्दू धार्मिक विचार-अधर्म का काम करना मूर्खता का प्रमाण (hindu dharmik vichar-adharma ka kaam moorkhta)

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: आधिव्याधिविपरीतयं अद्य श्वो वा विनाशिने। कोहि नाम शरीराय धम्मपितं समाचरेत्।। हिन्दी में भावार्थ-तमाम … more →

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संत कबीर के दोहे-मोल लिया ईश्वर बोलता नहीं (parmatma ka mahatva-kabir ke dohe)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 3 years ago: मूरति धरि धंधा रखा, पाहन का जगदीशमोल लिया बोलै नहीं, खोटा विसवा बीस संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं … more →

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हिन्दू धर्म संदेश-धर्म रहित कार्य केवल मूर्ख आदमी ही करता है (moorkh aadmi karta hai dharma rahit karya-hindu dharma sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 3 years ago: आधिव्याधिविपरीतयं अद्य श्वो वा विनाशिने।कोहि नाम शरीराय धम्मपितं समाचरेत्।।हिन्दी में भावार्थ-तमाम त … more →

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मनुस्मृति-श्रेष्ठ लोगों के साथ ही संबंध बनाने चाहिए (shreshth purush se sambandh-manu smruti)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 3 years ago: उत्तमैरुत्तमैर्नित्यं संबंधनाचरेत्सह।निनीषुः कुलमुत्कर्षमधमानधर्मास्त्यजेत्।हिन्दी में भावार्थ-अपने … more →

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रहीम संदेश-सूखे तालाब पर जाने से लाभ नहीं (sukhe talab se labh nahin-rahim sandesh

दीपक भारतदीप wrote 3 years ago: तेहि प्रमाण चलिबो भलो, जो सब दिन ठहराइ। उमड़ि चलै जल पार तें, जो रहीम बढ़ि जाइ।। कविवर रहीम का कहना है … more →

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>मनु दर्शन-आत्म नियंत्रित कार्य ही करें (atmanilantri kam karen-manu darshan in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 3 years ago: > सर्वे परवशं दुःखं सर्वमात्मवशं सुखम्।एतद्विद्यात्समासेन लक्षणं सुखदुःखयोः।।हिन्दी में भावार्थ-ज … more →

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>रहीम संदेश-मनुष्य नाचता है कठपुतली की तरह (manushya kathputli hai-rahim sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 3 years ago: > ज्यों नाचत कठपूतरी, करम नचावत गातअपने हाथ रहीम ज्यों, नहीं आपुने हाथ कविवर रहीम कहते हैं कि जैस … more →

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श्रीगुरु ग्रंथ साहिब-प्रभु का नाम कभी पुराना नहीं पड़ता (shriguru granth sahib-prabhu ka naam)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 3 years ago: ‘निरभउ निरंकार सच नाम।जा का कीआ सगल जहान।।हिन्दी में भावार्थ-निर्भय निरंकार का नाम ही सच है। उसी परम … more →

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कबीर के दोहे-दुष्टों की निंदा के बजाय साधुओं की प्रशंसा में वक्त बिताएं (kabir ke dohe-ninda aur prashansa)

दीपक भारतदीप wrote 3 years ago: काहू को नहिं निन्दिये, चाहै जैसा होय।फिर फिर ताको बन्दिये, साधु लच्छ है सोय।।    … more →

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पतंजलि योग चिंत्तन-धर्म मार्ग पर चलने वाला ही होता है धर्मात्मा (dharma aur dharmatma)

दीपक भारतदीप wrote 3 years ago: शान्तोदिताव्यपदेश्यधर्मानुपाती धर्मी। हिन्दी में भावार्थ-जो मनुष्य अतीत, वर्तमान और भविष्य का विचार … more →

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चाणक्य नीति-दुष्ट व्यक्ति कितना भी तीर्थ करे, पवित्र नहीं हो सकता2 comments

दीपक भारतदीप wrote 3 years ago: अंतर्गतमलो दृष्टस्तीर्थस्नानशतैरपि। न शुध्यति यथा भाण्डं सुराया दाहितं च यत्।। हिंदी में भावार्थ-जिस … more →

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हिन्दू धर्म संदेश-दोस्त और पत्नी एक ही होना चाहिए

दीपक भारतदीप wrote 3 years ago: संकलक एवं संपादक-दीपक भारतदीप,Gwalior http://anantraj.blogspot.com ———— … more →

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संत कबीर के दोहे-शब्द वही है जो दिल में समाए (sant kabir ke dohe-shabd jo dil mein samae)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 3 years ago: सीखे सुनै विचार ले, ताहि शब्द सुख देयबिना समझै शब्द गहै, कछु न लोहा लेय      … more →

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