Blogs about: Sanskrati
संत कबीर वाणी:जीभ का रस सर्वोत्तम
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दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: सहज तराजू आनि के, सब रस देखा तोल सब रस म … more »
रहीम के दोहे:हंसिनी चुनती है केवल मोती
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: मान सहित विष खाप के, संभु भय जगदीश … more »
जो सहज वह 'कबीर' जो असहज वह गरीब है
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: भारत में संत कबीर जी का नाम बहुत श्रद् … more »
संत कबीर वाणी: बगुला हंस नहीं हो सकता
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: चाल बकुल की चलत हैं, बहुरि कहावैं हंस त … more »
संत कबीर वाणी: संतों के निंदकों की मुक्ति नहीं
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: जो कोय निन्दै साधू को, संकट आवै सोय नरक … more »
मनु स्मृति:आग और पानी की पवित्रता बनाए रखें
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: आग को मुहँ से नहीं फूंकना चाहिए। आग मे … more »
हास्य कविता -फ्लॉप ब्लोगर और हिट कवि
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: एक कवि पहुंचा ब्लोगर के घर और बोला ‘य … more »
हास्य कविता -अल्पज्ञानी और कौवा
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: तीन मित्र पहुंचे एक पहुंचे हुए सिद्ध क … more »
हास्य कविता -भीड में भेड मत बनो
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: न तुम भेड़ बनो न भेडिया न बनो भीड़ का ह … more »
हास्य कविता -जब माया के रंग हो जाते बदरंग
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: गद्दे और तकिये में रुई की जगह नोट भरकर … more »
हास्य कविता -मोबाइल का माडल, प्रेम का माडल
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: उसने कई बार राह चलते हुए उस लडकी को लव ल … more »
दूसरा हंसाये क्या जरूरी है
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: हंसने के लिए क्या हंसी जैसी बात जरूरी … more »
हास्य कविता -चेहरे पर होते सब फ़िदा, देखता कोई चरित्र नहीं है
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: फिल्म निर्माता ने नए चेहरे लेकर काम कर … more »
सामाजिक सीरियल या हारर शो
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: बाप ने बेटे को दी कई बार अपने पास आने के … more »
हीरो को मिली जेल, प्रियतम प्यार में फेल
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: एक ही हीरो की फिल्म देखने और गाने सुनन … more »
बचाकर रखो अपना बयान
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: शहर में ऐकता स्थापित करने के लिये आ … more »
शादी से पहले और शादी के बाद
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: पत्नी जोर से पति पर चिल्लायी ‘शा … more »
छिद्रान्वेष्ण करने वाले क्या ख़ाक लिखेंगे
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: दूसरों के लिखे का करें छिद्रान्वेष … more »
मान न मान, तेरा नाम तेरा इनाम
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: बडे-बुजुर्ग कह गये हैं की जितनी सुव … more »
