सहज तराजू आनि के, सब रस देखा तोल सब रस माहीं जीभ रस, जू कोय जाने बोल संत शिरोमणि कबीर दास जी कहते हैं कि संसार में विभिन्न प्रकार के रस हैं और हमने सब रसों को सहज स्वभाव की ज्ञान -तुला पर तौलकर देख-पर… more →
दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सहज तराजू आनि के, सब रस देखा तोल सब रस माहीं जीभ रस, जू कोय जाने बोल संत शिरोमणि कबीर दास जी कहते है … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: शहर में ऐकता स्थापित करने के लिये आयोजित की गयी बैठक जारी करने के लिये पहले ही तैयार किये … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पत्नी जोर से पति पर चिल्लायी ‘शादी से पहले प्रेम के समय रोज आसमान से चांद-तारे तोड़ने … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बडे-बुजुर्ग कह गये हैं की जितनी सुविधा लोगे उतनी ही जीवन में कठिनाई तुम्हारे सामने आयेगी। जैसे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: क्रिकेट,फिल्म,राजनीति और और पत्रकारिता का क्षेत्र समाज में आकर्षण का केंद्र होते हैं … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आजकल जिसे देखो अपने लोगों-यानी अपने रिश्तेदारों , परिचितों, मित्रों और परिवार -पर यकीन नहीं करता । … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: देवराज इंद्र द्वारा राजा हरिश्चन्द्र के पुत्र रोहित को उपदेश के रुप में संस्कृत में दिए गये श्लोक का … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: नये लेखक जिन्होंने अभी हाल ही में इंटर नेट पर लिखना शुरू किया है और जो पहले से ही लिख रहे हैं और मेर … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: अपनी इच्छाओं और आशाओं की सतत पूर्ती को ही मनुष्य वास्तविक सुख समझता है -उसे लगता है … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: धर्म क्या है यह समझे बिना उसकी आलोचना करना गलत है। मेरे विचार से धर्म की किसी ने … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: एक सुबह से टीवी समाचार चैनलों पर दहेज़ पर विवाद की तीन खबरें एक साथ चल रहीं थी। ए … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जळ बिन सब सून -यह सबने सुना है पर शायद हमारे लोग सुनते हैं तो बस सुनन … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: हमारा शरीर पांच तत्वों-पृथ्वी, वायु, आकाश, जल और अग्नी से मि … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: हम सारा दिन किसी न किसी काम में लगे रहने का प्रयास करते हैं, क्योंकि अपने जी … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जब सामान्य आदमी के मन में हलचल होती है वह उसे शांत करने के लिए किसी ज्ञानी … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: वैज्ञानिकों ने आसमान एक धरती का अस्तित्त्व खोज निकाला है, उनके दावों पर … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: मैं क्यों लिखता हूँ , मुझे नहीं मालुम ! अब सवाल भी अपने से है जवाब भी स्वयं … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: अक्सर लोग यह कहते हैं कि हमें धर्म की जरूरत क्यों है? हम अपना काम अच्छी … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: मैं देश में चल रहे माहौल को जब देखता हूँ जिसमें हिदू धर्म के प्रति लोगों के मन मे … more →