हसरतो के कमल आओ आओ सखियों आओ,कुछ राज़ बताना चाहूं मैं दिल की बगिया में अब के ,नये गुल खिलाना चाहूं मैं | नींद में जब सोई हुई थी,सपनो में खोई हुई थी कोई अजनबी दबे पाव आया,उलझी लटो को सुलझाया उसके… more →
mehekMaheep Saraf wrote 1 month ago: आज कुछ होश नहीं बस तेरी यादें हैं साथ में तेरी आँखें तेरी बातें तेरी खुश्बू मेरी हर बात में हर ख्व … more →
alishaminta wrote 5 months ago: When i lost my first love i felt to write my feeling in form of poem which written best of my though … more →
Roushan wrote 1 year ago: है आपसे हमारी एक छोटी से इल्तज़ा यूँही रहना आप साथ मेरे जब से मिला हूँ आपसे बस आप ही आप हो हरसू अब हक … more →
Roushan wrote 1 year ago: है आपसे हमारी एक छोटी से इल्तज़ा यूँही रहना आप साथ मेरे जब से मिला हूँ आपसे बस आप ही आप हो हरसू अब हक … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हसरतो के कमल आओ आओ सखियों आओ,कुछ राज़ बताना चाहूं मैं दिल की बगिया में अब के ,नये गुल खिलाना चाहूं … more →
mehhekk wrote 1 year ago: ख्वाब अँखियों की पलकों में समाए ये रहते मन में छिपी बातों को हमसे ये कहते कुछ स्याह कुछ इंद्रधनु से … more →