कोई दैत्य या यमराज हाथ पकड्कर आपको नरक में नही ले जायेगा। अन्तकाल में आपके चित्त की जैसी अवस्था होगी, आप आगे उसी ढंग की यात्रा करन लगोगे। जैसे पाप-वासना जोर पकड़ती है तो व्यक्ति शराब में सुख मानता है, … more →
Sant Asaramji bapuekantsatsang wrote 1 week ago: Sant Shri Asaramji Amritvani Sant Shri Asaramji Ashram , Haridwar 14 May 2009 Satsang ke Mukhya Ans … more →
HariOm Group wrote 2 years ago: कोई दैत्य या यमराज हाथ पकड्कर आपको नरक में नही ले जायेगा। अन्तकाल में आपके चित्त की जैसी अवस्था होगी … more →
HariOm Group wrote 2 years ago: ॐ हुं विष्णवे नमः निरोगी व श्री सम्पन्न होने के लिये इस मन्त्र की एक माला रोज जप करें, तो आरोग्यता औ … more →
HariOm Group wrote 2 years ago: चेतना के स्वर ( भाग-१ ) *Courtesy:www.hariomgroup.org … more →
HariOm Group wrote 2 years ago: चेतना के स्वर ( भाग-३ ) Courtesy:www.hariomgroup.org … more →
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HariOm Group wrote 2 years ago: सत्संग सुनते समय यह सिद्धान्त ले कर सुनना है कि हम जो सुनेंगे उसे अपने आचरण में लायेगें बस शास्त्रों … more →
HariOm Group wrote 2 years ago: आप व्यवहार में भगवान का सुमिरन करते हुए फ़ल की लोलुप्ता छोडते हुए कर्म करते है, तो उनके कर्म कि सुन्द … more →