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Blogs about: Scratch

वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है

विनय wrote 1 year ago: वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है तो कहता है बस इतने ही! ख़िज़ाँ आयी बहार लौट गयी निशान रह गये इतने ही उसने न … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, वक़्त, time, Reminisce, याद, दीवाना, बहार, सदा

अश्को-अक्स चश्म में नहीं है

विनय wrote 1 year ago: जितनी मै उन आँखों में थी उतनी और कहाँ जितना सुरूर उन आँखों में था उतना और कहाँ रोज़ शाम दरवाज़े पे बैठ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, eyes, haze, प्यार, दरवाज़ा, मोहब्बत, शाम

कौन उतारेगा धूल पन्नों पर से

विनय wrote 2 years ago: तह पर तह लगी है कौन उतारेगा धूल पन्नों पर से आँधियों में… मैं खड़ा रहा साथ उसके न उसने मुझको द … more →

Tags: मेरी नज़्म, वक़्त, शिकन, time, चेहरा, आँधी, धूल, अजनबी, सिलसिला


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