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Blogs about: Season

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Rainy season and your problem. .

Sulabh wrote 6 months ago: By Dr.Abhay Kumar Dear folks. . This is rainy season. . . This season invites diseases like cough an … more →

Tags: health, Araria, General Problems, rain

जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे14 comments

विनय wrote 11 months ago: जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे यूँ इस ख़ला की यह गर्द तुझ तक पहुँचे की है इस दिल ने सदा तुझसे … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, धूप, आलम, इश्क़, दर्द, Love, मौसम, दिल, प्यार

ख़ुशबू बिछायी है राहों में4 comments

विनय wrote 1 year ago: ख़ुशबू बिछायी है राहों में तुम चले आओ, तुम चले आओ दिल बेक़रार है बहुत तुम चले आओ, तुम चले आओ मौसम बड़ … more →

Tags: मेरा गीत, Earth, इश्क़, Heart, Love, Flower, Rose, मौसम, गुल

Still believe in love

विनय wrote 1 year ago: I’m walking on the misty road but still have faith in your love this seems warm as the rising … more →

Tags: English songs, Love, eyes, hatred, Faith, desire, deserted, Wish, Spell

वह मौसम इक बार 2 comments

विनय wrote 1 year ago: वह मौसम इक बार फिर सजा दे प्यार करने की मुझको सज़ा दे दीवानों की तरह तुझको देखे जाऊँ हाथों की लकीरों … more →

Tags: मेरा गीत, अरमान, इश्क़, जीवन, जुदा, दिल, दीवाना, दफ़्न, प्यार

कभी तुम घर आओ ना

विनय wrote 1 year ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हमें यह वादा दे दो आओ तो फिर जाओ ना अपनी हँसी से यह घर सजा दो … more →

Tags: मेरा गीत, अंधेरी, इश्क़, ऐंवे, घर, जान, जिस्म, दिल, दीप

माया यह तेरी कैसी माया है

विनय wrote 1 year ago: शीतल जल में चंदन घुला हो ऐसी थी काया काले-काले बादलों से घनी थी ज़ुल्फ़ों की छाया क्यों जचने लगी यह बे … more →

Tags: मेरा गीत, हुस्न, इश्क़, Heart, Love, मौसम, दिल, प्यार, बादल

यह मौसम है मस्त-मस्त

विनय wrote 1 year ago: यह मौसम है मस्त-मस्त यह आलम है मस्त-मस्त अम्बर पे छायी काली घटा सावन बरसे कर दे मस्त यह मौसम है मस्त … more →

Tags: मेरा गीत, आलम, इश्क़, Love, मौसम, सावन, प्यार, मोहब्बत, Crazy

मेरी प्रिय मेरी प्रियतमा2 comments

विनय wrote 1 year ago: मेरी प्रिय मेरी प्रियतमा मेरी प्रेयसी मैं तुमको सच्चे मन से प्रेम करता हूँ निर्मल निश्छल सच्चा प्रेम … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, सपना, dream, Beloved, प्रेम

यह दिल क्यूँ किसी का होना चाहे

विनय wrote 1 year ago: यह दिल क्यूँ किसी का होना चाहे जाये जाँ, जाये क्यों न जान ही मगर यह दिल किसी का होना चाहे जबसे मेरी … more →

Tags: मेरा गीत, रंग, इश्क़, Love, मौसम, दिल, प्यार, मंज़िल, मोहब्बत

जब पतझड़ के मौसम आते हैं

विनय wrote 1 year ago: तुझे देखा तू ही मेरी हमनशीं तुझे चाहा तू ही मेरी जान-सी तुझे देखा मैंने तुझे चाहा तुझे सिर्फ़ तू ही म … more →

Tags: मेरा गीत, Tree, Love, क़रीब, light, मौसम, गुल, दिल, पत्ते

He Wants To Retreat

jyoti78 wrote 1 year ago: Ardent passion of going high, Desire to touch the illusion of sky, Tempted to earn fame and name , R … more →

Tags: Poem, Quatrain, English, Literature, Emotion, Poetry, Jyoti, charm

Spring-3

jyoti78 wrote 1 year ago: Rhythm created on water tends to kill Images of trees and sky reflected in lake Still water but, not … more →

Tags: Poem, Quatrain, English, Literature, Poetry, spring, Jyoti, charm

कभी हम मौसम थे

विनय wrote 1 year ago: कभी हम मौसम थे कभी ख़ुद मौसम था सावन की चाह में इक सावन मिला तो दूसरा गया आजकल अकेला हूँ शायिर: विनय … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Love, मौसम, सावन, अकेला, प्यार, मोहब्बत, Pain

In my old book

विनय wrote 1 year ago: In my old book You’re living as dry rose In my broken heart I feel you everyday too close My l … more →

Tags: English songs, Heart, Love, Rose, Satisfaction, dream, Beauty, Life, Morning

हमने अबस की आरज़ू छोड़ दी

विनय wrote 2 years ago: हमने अबस की आरज़ू छोड़ दी तुमको पाने की जुस्तजू छोड़ दी चाक़ जिगर को गरेबाँ में छिपाके हमने हसरते-रफ़ू … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, दर्द, Love, मौसम, प्यार, मोहब्बत, Pain, आरज़ू

वह कौन है?

विनय wrote 2 years ago: जिससे दुनिया ने हर चीज़ छीनी जिसे अपनी चाहत न मिली जिसके दरवाज़े पर खु़शी आकर लौट गयी जिसकी आँखों से न … more →

Tags: मेरी नज़्म, Alone, अजनबी, इबारत, इश्क़, ख़ुशी, तन्हा, दरिया, दर्द

'विनय' इक आईना है टूटा हुआ

विनय wrote 2 years ago: क्यों खेलते हो? जल जाओगे! इक आग है ‘विनय’ तरक़ीब पे तरक़ीब खेलते हो कुछ और है ‘विनय … more →

Tags: मेरी नज़्म, दर्द, क़रीब, Frozen, मौसम, Pain, घर, आग, विनय

शाम गहरी हो रही थी

विनय wrote 2 years ago: शाम गहरी हो रही थी सुनहरा चाँद बादलों से झाँक रहा था छत पे था मैं और पुरवाई बह रही थी तेरा ख़्याल और … more →

Tags: मेरी नज़्म, चाँद, इश्क़, Love, light, तन्हाई, मौसम, प्यार, बादल


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