mehhekk wrote 2 years ago: दीदार खुश है मेरी बन्नो,आज मधुचंद्र की रात सज सवर कर बैठी है नही करती किसीसे बात कुछ भी कहो ,गुलाब … more →
mehhekk wrote 2 years ago: चाहत है उस शाम की जब हो सिर्फ़ हम और तुम हाथों में हाथ लिए एक दूसरे में हो जाए गुम मदमस्त करता हव … more →